Haridwar: 12 दिन में 4.53 करोड़ कांवड़ियां छोड़ गए 8 हजार मीट्रिक टन कूड़ा, कैसे और कब तक बदलेगी शहर की सूरत
Haridwar kanwad yatra: 11 जुलाई से शुरू हुआ कांवड़ मेला 23 जुलाई तक चला। इस तरह करीब 12 दिनों तक हरिद्वार में कांवड़ मेले की रौनक रही। इस दौरान कांवड़ मेले में 4.53 करोड़ कांवड़ यात्री हरिद्वार पहुंचे। जो कि रिकॉर्ड है। कांवड़ियों ने हरिद्वार के घाटों से जल भरा और अपने अपने गंतव्य को चले गए।
इस बीच हरिद्वार में करोड़ों कांवडियों ने करीब 8 हजार मैट्रिक टन कूड़ा छोड़ा। कांवड़ियां अपने पीछे पॉलिथीन, कूड़ा कचरा और खाने पीने की चीजों को भी छोड़कर गए। जिससे हरिद्वार की साफ सफाई बीते 12 दिनों में पटरी से उतर गई।

हालांकि इसे निस्तारित करने के लिए नगर निगम की एक हजार कर्मचारियों की टीम ने दिन रात काम किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार मेला संपन्न होने के बाद नगर निगम हरिद्वार के 1000 कर्मचारियों ने 8000 मैट्रिक टन कूड़ा का निस्तारण किया।
गंदगी के अंबार, मैराथन सफाई अभियान
हरिद्वार शहर से लेकर हर की पैड़ी, गंगा घाट, बाजारों में मैराथन सफाई अभियान चलाया गया। हर की पैड़ी से लेकर शहर के घाटों और सड़क किनारे गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। जिन्हें नगर निगम की टीमें और मशीनें हटाने में जुटी हैं।
दिन रात काम कर स्वच्छता की जिम्मेदारी सौंपी
नगर निगम हरिद्वार ने अपने कर्मचारियों को कांवड़ मेले में भी इसी तरह दिन रात काम कर स्वच्छता की जिम्मेदारी सौंपी। जिसे रात दिन मेहनत कर सफाई कर्मियों ने पूरी ईमानदारी के साथ काम किया। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि हरिद्वार के घाटों में साफ सफाई का काम तेजी से चल रहा है।
दो दिन में घाटों की साफ सफाई का काम
दो दिन में इन घाटों की साफ सफाई का काम पहले ही जैसा कर दिया जाएगा। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इस काम के लिए अलग से कर्मचारियों को नहीं लगाया गया। जो कर्मचारी पहले से ही नगर निगम ेके साथ काम कर रहे हैं। उन्हीं से काम लिया जा रहा है।
ऋषिकेश के घाटों में 100 मीट्रिक टन अतिरिक्त कूड़ा
इसी तरह ऋषिकेश के घाटों में 100 मीट्रिक टन अतिरिक्त कूड़ा कांवड़ के बाद इकट्ठा हुआ है। जिसे साफ करने में नगर निगम प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ जुटा हुआ है। दावा है कि जल्द ही घाटों को साफ स्वच्छ बना लिया जाएगा।












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