Medical Students: उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेज ने पहले मेंटल हेल्थ टेस्ट किया अनिवार्य, बवाल बढ़ा तो बैकफुट पर आया
मेडिकल कॉलेज में मेंटल हेल्थ टेस्ट अनिवार्य करने पर विवाद
उत्तराखंड के हल्द्वानी में सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने से पहले छात्रों के लिए मेंटल हेल्थ टेस्ट अनिवार्य करने के फैसले को लेेकर बवाल हो गया। भारी विरोध के बाद कॉलेज प्रबंधन ने इस फैसले को वापस ले लिया है। कॉलेज प्रबंधन का तर्क था कि छात्रों का फिजिकल हेल्थ के साथ-साथ मेंटल हेल्थ की भी जांच होनी चाहिए। लेकिन कॉलेज इस फैसले पर परिजनों और लोगों की आपत्ति के बाद बैकफुट पर आ गया है।

मेंटल हेल्थ टेस्ट भी अनिवार्य कर दिया था
उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए केवल जनरल हेल्थ टेस्ट होता है। जनरल हेल्थ टेस्ट में ईएनटी, ऑपथैल्मोलॉजी, मेडिसिन, रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी एग्जामिनेशन होता था। जबकि गर्ल कैंडिडेट्स को गाइनेकोलॉजिकल एग्जामिनेशन भी देना होता था। लेकिन मेडिकल कॉलेज ने इस बीच मेंटल हेल्थ टेस्ट भी अनिवार्य कर दिया था। इस फैसले के बाद जमकर विरोध होने लगा। सोशल मीडिया में भी कॉलेज के इस फैसले का जमकर विरोध देखा गया। भारी विरोध के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इस फैसले से वापस ले लिया।
विरोध हुआ तो कॉलेज का टेस्ट को कराने से ही इनकार
राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी के प्राचार्य . प्रो अरुण जोशी ने बताया कि छात्रों की मानसिक समस्याओं को देखते हुए काउंसलिंग व उपचार देने की व्यवस्था की जा रही थी। इस संबंध में अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ था। लेकिन इस को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई जिसके बाद छात्रों का मनोवैज्ञानिक परीक्षण न कराने का फैसला लिया गया है। मनोवैज्ञानिक जांच कराने के पीछे कॉलेज प्रबंधन का तर्क था कि सामान्य शारीरिक जांच के साथ ही मनोवैज्ञानिक जांच भी जरूरी है। साइकोलॉजीकल टेस्ट के जरिए छात्रों का का बिहेवियर, पर्सनेलिटी और वर्किंग एबिलिटी का पता लगाना था। जिसमें अगर छात्र को कोई परेशानी हो तो उसका पढ़ाई पर असर न हो, इसके लिए छात्र की काउंसलिंग कराई जा सके। लेकिन विरोध हुआ तो कॉलेज ने इस टेस्ट को कराने से ही इनकार कर दिया है।












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