लखनऊ में सीएम योगी से मिले उत्तराखंड के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, बड़ी जिम्मेदारी मिलने के संकेत
सीएम पद से हटनेे के बाद भी सक्रिय हैं उत्तराखंड के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत
देहरादून, 7 सितंबर। उत्तराखंड के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मुलाकात के बाद देहरादून से लेकर लखनऊ तक राजनीति गर्मा गई है। करीब 6 माह से पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को केन्द्रीय संगठन किसी बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की बात भी की जा रही है। ऐसे में त्रिवेंद्र की लंबे समय से सक्रियता और योगी से मुलाकात के मायने तलाशे जाने लगे हैं। मुलाकात के बाद त्रिवेंद्र को यूपी में चुनाव के मद्देनजर कोई जिम्मेदारी सौंपने की चर्चा तेज हो गई हैा

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पूर्व सीएम होने के बाद भी सक्रिय
उत्तराखंड में सीएम पद से हटाए जाने के बाद से त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत सीएम पद से हटने के बाद उत्तराखंड के कई जिलों में प्रवास भी कर चुके हैं। अपने विधानसभा क्षेत्र डोईवाला में खासा सक्रिय रहने के बाद भी त्रिवेंद्र ने पहाड़ी जिलों में प्रवास भी किया है। हाल ही में त्रिवेंद्र ने उत्तरकाशी के चीन सीमा से लगे गर्तांग वैली का भी दौरा किया। इसके पहले उन्होंने केन्द्रीय नेतृत्व से भी सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद मुलाकात की थी। जिसके बाद त्रिवेंद्र को चुनावी साल में संगठन में किसी बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की भी चर्चा होती रही। एक बार फिर त्रिवेंद्र सिंह रावत की यूपी के सीएम योगी से मुलाकात के बाद ये चर्चा तेज हो गई है। कि क्या विधानसभा चुनावों में त्रिवेंद्र सिंह रावत यूपी में कोई बड़ी जिम्मेदारी निभाने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के साथ ही उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पड़ोसी राज्यों में चुनावी अभियान में यूपी और उत्तराखंड के कई दिग्गज नेता मोर्चा संभालेंगे। योगी का उत्तराखंड से भी नाता है। वे मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल से संबंध रखते हैं। इसी तरह उत्तराखंड के कुछ वरिष्ठ नेता यूपी में प्रचार-प्रसार कर सकते हैं। ऐसे में त्रिवेंद्र सिंह रावत को चुनाव में यूपी में कोई बड़ी जिम्मेदारी पार्टी दे सकती है। त्रिवेंद्र सिंह रावत यूपी और झारखंड राज्यों में प्रभार देख चुके है। ऐसे में पार्टी उनके अनुभवों को चुनाव में इस्तेमाल कर सकती है।
केन्द्रीय नेतृत्व के सामने खुद को साबित करने का मौका
इधर उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में सीएम पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के ही जिम्मे चुनाव कमान हो सकती है। दोनों दिग्गजों के कंधों पर पार्टी बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है। त्रिवेंद्र रावत सरकार के कार्यकाल में हुए कुछ फैसले जैसे देवस्थानम बोर्ड, गैरसेंण मंडल आदि फैसलों से लोगों में जिस तरह की नाराजगी है, उसे देखते हुए त्रिवेंद्र को बीजेपी पड़ोसी राज्य यूपी में चुनावी प्रभार के लिए भेज सकती है। त्रिवेंद्र और योगी का समन्वय भी इसका बड़ा कारण माना जा सकता है। इधर त्रिवेंद्र भी चुनाव में यूपी जैसे बड़े राज्य में अगर कोई जिम्मेदारी मिलती है तो उसे छोड़ना नहीं चाहेंगे। इसके पीछे का कारण त्रिवेंद्र एक बार फिर केन्द्रीय नेतृत्व के सामने विधानसभा चुनावों में बेहतर रिजल्ट लाकर खुद को प्रुफ करना भी चाहेंगे। जिसके बाद उनका कद बढ़ना तय है। यूपी में अगर त्रिवेंद्र रावत को बीजेपी बडी जिम्मेदारी सौंपती हैा और रिजल्ट बीजेपी के पक्ष में आता हैा तो त्रिवेंद्र रावत का कद उत्तराखंड में भी बढना तय हैा जिसका फायदा उन्हें भविष्य में भी मिलने का दावा किया जा रहा हैा












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