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उत्तराखंड की बेटियों को न्याय दिलाने के लिए दिल्ली में गरमाई सियासत, हरीश रावत ने रिजिजू से मिलकर उठाई ये मांग

पूर्व सीएम हरीश रावत ने कांग्रेसियों के साथ मिलकर दिल्ली में केन्द्रीय कानून और न्याय मंत्री किरन रिजिजू से मुलाकात की। हरीश रावत ने उत्तराखंड की बेटी अनामिका और अंकिता भंडारी ​को न्याय दिलाने की मांग की है।
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former CM Harish Rawat Union Law Justice Minister Kiren Rijiju Delhi Chhawla ankita case

उत्तराखंड की बेटियों को न्याय दिलाने के लिए दिल्ली में भी सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने कांग्रेसियों के साथ मिलकर दिल्ली में केन्द्रीय कानून और न्याय मंत्री किरन रिजिजू से मुलाकात की। हरीश रावत ने उत्तराखंड की बेटी अनामिका (जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अनामिका कहा है) और बेटी अंकिता भंडारी ​को न्याय दिलाने की मांग की है।

दोनों ही मामलों में सरकारों का अब तक का रवैया बेहद निराशाजनक

इससे पूर्व उत्तराखंडयों की एक बैठक को संबोधित करते हुए हरीश रावत ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि दोनों ही मामलों में सरकारों का अब तक का रवैया बेहद निराशाजनक रहा है। हरीश रावत ने उत्तराखंड से चुने सांसदों से आठ दिसंबर से शुरू हो रहे संसद सत्र में इन मामलों को उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उनका मूकदर्शक बने रहना, उत्तराखंड की जनता के लिए चिंता का विषय बन गया है। हरीश रावत ने कहा कि पूर्व सीएम ने राज्य विधानसभा का सत्र मात्र दो दिनों में समाप्त करने पर इसे सरकार की विफलता बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं पर सरकार को जवाब नहीं देना पड़े, इसलिए पांच दिन के सत्र को दो दिन में निपटा दिया गया। कांग्रेस लंबे समय से इन दोनों प्रकरण में राज्य सरकार को घेरने में जुटी है। दिल्ली के छावला केस में जहां राज्य सरकार पर कमजोर तरीके से पैरवी करने का कांग्रेस आरोप लगा रही है। वहीं अंकिता केस में कांग्रेस सीबीआई से मांग कराने की मांग कर रही है।

दिल्ली में उत्तराखंड की बेटी का प्रकरण

दिल्ली के छावला इलाके में 2012 में हुए 19 वर्षीय उत्तराखंड की बेटी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सभी तीन आरोपियों के बरी कर दिया गया। फरवरी 2012 में युवती के अपहरण, बलात्कार और बेरहमी से हत्या मामला
साल 2014 में एक निचली कोर्ट ने मामले को दुर्लभतम बताते हुए तीनों आरोपियों को मौत की सजा सुनाई थी। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस फैसले को बरकरार रखा था। तीन लोगों पर फरवरी 2012 में 19 वर्षीय युवती के अपहरणए बलात्कार और बेरहमी से हत्या करने का आरोप है। अपहरण के तीन दिन बाद उसका क्षत विक्षत शव मिला था। बता दें कि पीड़िता मूल रूप से पौड़ी उत्तराखंड की रहने वाली थी। जो कि दक्षिण पश्चिम दिल्ली के छावला के कुतुब विहार में रह रही थी। 9 फरवरी 2012 की रात नौकरी से लौटते समय उसे कुछ लोगों ने जबरन कार में में बैठा लिया था। जिसकी 3 दिन बाद लाश बहुत ही बुरी हालत में हरियाणा के रिवाड़ी के एक खेत मे मिली। युवती के साथ दरिंदगी और क्रुरता भी हुई थी।

अंकिता भंडारी केस
मूल रूप से पौड़ी जिले की निवासी अंकिता भंडारी की 18 सितम्बर को हत्या हो गई। जो कि यमकेश्वर क्षेत्र में वनतारा रिजॉर्ट में रिसेप्सनिष्ट की नौकरी करने आई थी। 19 सितम्बर को राजस्व पुलिस में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित ने अंकिता की गुमशुदगी का केस दर्ज कराया। 23 सितंबर को थाना लक्ष्मण झुला में अंक‍िता की गुमशुदगी का केस दर्ज हुआ और पुल‍िस ने पुलकित समेत 3 आरोप‍ियों को अरेस्‍ट कर जेल भेजा। 24 सितंबर को आरोपियों की निशानदेही पर अंकिता का शव चिला डैम से बरामद हुआ। 24 को अंकिता का एम्स अस्पताल पोस्टमार्टम हुआ। 25 सितंबर को कई विरोध के बाद देर शाम अंकिता का अंतिम संस्कार हुआ। सरकार ने पूरे मामले कि जांच के लिए एसआईटी गठित की।

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former CM Harish Rawat Union Law Justice Minister Kiren Rijiju Delhi Chhawla ankita case
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