उत्तराखंड चुनाव में भी 'मुजफ्फरनगर महापंचायत' की एंट्री, कांग्रेस और BJP ने बदला अपना पूरा सियासी प्लान
बीजेपी, कांग्रेस, आप हर कोई किसानों को अपने समर्थन में होने का कर रही दावा
देहरादून, 7 सितंबर। किसान आंदोलन का असर उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों पर भी नजर आने लगा है। बीजेपी जहां इसे विपक्ष की साजिश करार दे रही हैं, वहीं कांग्रेस खुलकर किसानों के समर्थन में आ चुकी है। इतना ही नहीं कांग्रेस के चुनाव अभियान की कमान संभाल रहे पूर्व सीएम हरीश रावत ने तो किसानों के समर्थन में 27 तारीख को भारत बंद में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। साफ है कि किसानों के आंदोलन का असर चुनावी साल में वोटों पर भी पड़ना तय है।

कांग्रेस को किसानों से परिवर्तन की उम्मीदें
उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक दल हर मुद्दे को अपने-अपने पक्ष में करने में जुट हैं। ऐसे में देशभर में किसानों के आंदोलन को लेकर उत्तराखंड में भी राजनीति तेज हो गई है। उत्तराखंड के तराई क्षेत्र में कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ परिवर्तन यात्रा निकाली। पहले चरण में कांग्रेस की और से पूर्व सीएम हरीश रावत परिवर्तन रैली में किसानों को जिक्र करना नहीं भूले। हरीश रावत ने किसानों के समर्थन में खुलकर अपना पक्ष रखा। और 27 तारीख को भारत बंद का हिस्सा बनने का ऐलान भी किया। हरीश रावत ने कहा कि किसान हमारा समर्थन चाहें या ना चाहें। उन्होेंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ है। उत्तराखंड के तराई क्षेत्र में किसानों को अच्छा-खासा वोटबैंक है। ऐसे में हरीश रावत ने किसानों को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झौंक दी है। उत्तराखंड में हरिद्वार, यूएसनगर, नैनीताल, देहरादून जिलों की विधानसभा सीटों पर किसानोंं का सीधा-सीधा प्रभाव नजर आता है। ऐसे में इन जिलों के किसानों के वोटबैंक जो दल अपने पक्ष में करने में कामयाब होगा, उसका असर चुनाव परिणामों में दिखना तय है।
बीजेपी का दावा किसानों का आशीर्वाद हमेशा मिलेगा
वर्तमान में इन चारों जिलों में सत्ताधारी बीजेपी का व्यापक असर है। लेकिन अगर किसानों की नाराजगी बीजेपी चुनाव तक दूर नहीं कर पाई तो इसका नुकसान बीजेपी को होना तय है। हालांकि बीजेपी का दावा है कि चुनाव से पहले इस तरह का वातावरण विपक्ष बना रहा है, जिसका चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक तो दावा कर रहे हैं कि किसान बाहुल्य क्षेत्रो में पार्टी को पहले भी आशीर्वाद मिलता रहा है और भविष्य में भी किसानोंं का आशीर्वाद मिलेगा। दरअसल बीजेपी में सीएम पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक दोनों तराई क्षेत्र से आते हैं। ऐसे में बीजेपी को लगता है कि इसका फायदा वे चुनाव में उठा सकते हैं।
किसानों के सहारे आप को एंट्री की उम्मीद
उत्तराखंड में पहली बार विधानसभा चुनावों में किस्मत आजमा रही आम आदमी पार्टी की नजर भी किसानों के वोटबैंक पर है। आप को भी हरिद्वार, यूएसनगर, नैनीताल, देहरादून जैसी विधानसभा सीटों से चुनाव में ज्यादा उम्मीदें हैं। ऐसे में आप भी किसानों के प्रभाव वाले जिलों पर फोकस कर रही है। पंजाब, उत्तराखंड जैसे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में आप की रणनीति भी किसान आंदोलन के मुद्दे को चुनाव में
पूर्व सीएम हरीश रावत का फेसबुक पोस्ट--
किसान हमारा समर्थन चाह रहे हों या न चाह रहे हों। कांग्रेस पार्टी, किसानों के साथ खड़ी है। 27 तारीख को किसानों ने भारत बंद का आवाहन किया है। मैं किसान का बेटा हूंँ और एक इंसान भी हूंँ। इसलिये मैं 27 तारीख को भारत_बंद का हिस्सा बनूंगा और आपसे भी अपील करता हूंँ, उसका हिस्सा बनिए। किसान एक निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है, इस जुल्मी सरकार के खिलाफ उसमें किसान का हौसला बढ़ाइए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने बयान जारी कर कहा कि
भाजपा ही किसानोंं कि सच्ची हितैषी है और किसानोंं का आशीर्वाद भी पार्टी के साथ हमेशा से रहा है। विपक्ष के द्वारा बनाए जा रहे वातावरण का आगामी चुनाव में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानोंं की आय को दो गुना करने के लिए कई योजनाये बनाई है और प्रदेश में भी किसानों को इसका लाभ मिल रहा है। किसान बाहुल्य क्षेत्रो में पार्टी को पहले भी आशीर्वाद मिलता रहा है और भविष्य में भी किसानोंं का आशीर्वाद मिलेगा।
आप के प्रवक्ता संजय भट्ट का कहना है कि
आम आदमी पार्टी हमेशा से ही किसानों के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। किसानों के आंदोलन के लिए आप ने पानी से लेकर जरुरी चीजों का सहयोग किया है। आप का किसान मोर्चा किसान आंदोलन में प्रतिभाग भी करता है।












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