धर्मस्व, तीर्थाटन परिषद करेगा चार धाम और अन्य धार्मिक यात्राओं का संचालन, जानिए ड्राफ्ट में क्या, कब होगा लागू
उत्तराखंड में अब चार धाम यात्रा के साथ ही मंदिरों के प्रबंधन,धार्मिक यात्राओं की जिम्मेदारी धर्मस्व, तीर्थाटन परिषद को सौंपने की तैयारी है। इसके लिए सरकार की और से धर्मस्व, तीर्थाटन परिषद बनाने को हरी झंडी दे दी गई है।
निकाय चुनाव निपटते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। परिषद के स्वरूप का ड्राफ्ट प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। इसमें प्रदेश में होने वाली धार्मिक यात्रा के सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन का जिम्मा उत्तराखंड धर्मस्व, तीर्थाटन परिषद को सौंपने को लेकर गाइडलाइन तैयार कर ली गई है।

बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार धाम यात्रा प्राधिकरण बनाने के निर्देश दिए थे। जिस पर शासन के अधिकारियों की और से चार धाम के सभी हकहकूकधारियों और यात्रा से जुड़े लोगों से सुझाव मांगे गए। लेकिन पुरोहितों ने प्राधिकरण शब्द को हटाने की मांग की। पुरोहितों का तर्क था कि प्राधिकरण शब्द देवस्थानम बोर्ड की तरह धोखा हो सकता है।
इसको लेकर नाराजगी व्यक्त की गई। साथ ही चारों धामों में किसी तरह की छेड़छाड़ को बर्दाश्त न करने की बात भी की गई। इस पर शासन ने पुरोहितों को सुझावों को मानते हुए उत्तराखंड धर्मस्व और तीर्थाटन परिषद का ड्राफ्ट तैयार किया है। जिसे हरी झंडी मिल गई है।
माना जा रहा है कि 26 जनवरी के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। उच्चस्तरीय समिति ने परिषद के स्वरूप, गठन और संचालन को लेकर ड्राफ्ट तैयार कर शासन को सौंप दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंजूरी के बाद इसे आगामी प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लाया जा सकता है।
चारधाम यात्रा के अलावा हेमकुंड यात्रा, कांवड़ यात्रा, मेले और उत्सव में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड आते हैं। यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन, पंजीकरण, यातायात प्रबंधन के अलावा मौसम और अन्य तरह की चुनौतियां का सामना करना होता है। परिषद का एक त्रिस्तरीय स्वरूप तैयार कर दिया गया है। एक ऐसी नियामक एजेंसी के गठन की कवायद शुरू हुई, जो यात्रा के व्यवस्थित, सुरक्षित, सुविधाजनक संचालन के लिए जवाबदेह हो।
- अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने परिषद का एक त्रिस्तरीय स्वरूप तैयार किया है।
- तीर्थ यात्रा के संचालन और व्यवस्था के नियोजन और प्रबंधन को लेकर रणनीति और नीति बनाने का काम मुख्यमंत्री की अध्यक्षता और मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता गठित दो प्रमुख समितियां करेंगी।
- इनके क्रियान्वयन का काम गढ़वाल में गढ़वाल मंडलायुक्त और कुमाऊं में कुमाऊं मंडलायुक्त की अध्यक्षता में क्रियान्वयन समिति का गठन होगा।
- दोनों समितियों के अलावा परिषद का एक स्थायी ढांचा भी होगा।












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