चुनावों के लिए सैनिकों पर नजर! राहुल गांधी की 'विजय सम्मान रैली' में लगे बिपिन रावत के कटआउट
देहरादून, 17 दिसंबर। अगले साल यानी 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले, ऐसा लगता है कि उत्तराखंड में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों का मुख्य फोकस सैनिक हैं। गुरुवार को राहुल गांधी की रैली के लिए जनरल बिपिन रावत के एक कटआउट को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ प्रमुखता से रखा गया है। रावत के कटआउट का आकार राहुल गांधी के कटआउट से बड़ा है। बता दें कि 8 दिसंबर को देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और 11 अन्य अधिकारियों के साथ शहीद हो गए थे।

गौरतलब है कि सेवारत और पूर्व सैनिकों के परिवार राज्य के चुनावी क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक दिन पहले बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देहरादून में एक युद्ध स्मारक का शिलान्यास किया। स्मारक के प्रवेश द्वार का नाम जनरल रावत के नाम पर रखा गया है। सत्तारूढ़ दल ने इस अवसर पर शहीदों के करीब 200 परिवारों को भी सम्मानित किया। कांग्रेस भी 16 दिसंबर को राहुल गांधी की 'विजय सम्मान रैली' में सैनिकों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बनाई, जब बांग्लादेश पाकिस्तान से आजादी के 50 साल का जश्न मना रहा है।
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उत्तराखंड के कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल से जब पूछा गया कि राजनीतिक रैली में जनरल रावत के कटआउट क्यों रखे गए हैं? तो उन्होंने कहा, 'कांग्रेस सैनिकों का 'सम्मान' करती है। जनरल बिपिन रावत देश की शान थे। उनका संबंध उत्तराखंड से है। जनरल रावत अपने गृह राज्य में हमेशा सामाजिक हित के लिए खड़े रहे। (कटआउट) महान सैनिक के प्रति हमारे सम्मान की निशानी हैं।' वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 'ये हमारी पार्टी और मोदी जी की नीतियों का परिणाम है कि जो लोग जनरल रावत जैसे जांबाज सैनिक को गली का गुंडा कहते थे आज वो उनकी तस्वीर लगाने के लिए मजबूर हैं।'












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