Dussehra: 50 सालों से रावण तैयार कर रहा मुस्लिम परिवार,अब बच्चों को क्यों नहीं सिखाएंगे ये कारीगरी,जानिए वजह
Dussehra 2024 दशहरे पर रावण के पुतले के दहन की तैयारियां जोर- शोर से चल रही है। देहरादून में कई जगहों पर रावण के पुतले का दहन होगा। इसके लिए 50 से 60 फीट के पुतले तैयार हो चुके हैं। इन पुतलों को मुस्लिम परिवार तैयार करते आ रहे हैं।
देहरादून में रावण,कुम्भकरण और मेघनाथ के पुतलों को मुजफ्फरनगर की शाहनवाज उर्फ शालू की टीम ने पिछले करीब तीन माह में दिन रात एक कर तैयार किए हैं। जो कि पिछले 50 सालों से पुतले तैयार कर रहे हैं।

शाहनवाज की चार पीढ़ियां इस काम को करती आ रही हैं और हिंदूओं के त्यौहारों में इस्तेमाल होने वाले अधिकतर आइटम को तैयार करते हैं। जिनमें दिवाली की सजावट के सामान,कांवड़, शोभा यात्रा आदि शामिल हैं। शालू का कहना है कि सालों से देहरादून में इस काम को करते आ रहे हैं। सब लोगों का बहुत प्यार मिलता है। इस बात की खुशी होती है कि जब रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले देखकर लोग खासकर बच्चे खुश होते हैं तो उनकी महिनों की मेहनत पूरी हो जाती है।
मोहम्मद शहजाद बताते हैं कि वे सालों से इस काम को करते आ रहे हैं। अब तक चार पीढ़ियां इस काम को सीखते आ रहे हैं। उन्होंने भी अपने पिता और दादाओं से इस काम को सीखा। लेकिन अब वे अपने आने वाली पीढ़ी को पढ़ाई लिखाई के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ताकि वे कुछ नया कर अच्छा रोजगार का साधन तैयार कर सकें।
उन्होंने कहा कि इस काम में जितनी मेहनत लगती है, उतनी कमाई नहीं है। वे कहते हैं मुस्लिम होकर वह हिंदूओं के त्यौहारों में अपना योगदान देते हैं, इस बात का उन्हें गर्व है। वे कहते हैं कि सब शांति से एक साथ मिल जुलकर रमोहें ऐसी ही दुआ करते हैं। मोहम्मद शहजाद देहरादून के अलावा कई शहरों में रावण के पुतले बनाने का काम करते आ रहे हैं। उनके साथ हिंदू भाई में इस काम में जुटे रहते हैं।












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