दो माह बाद हुए भक्तों को गर्जिया माता के दर्शन, 10 मई से चल रहा था ये जरुरी काम, जानिए क्यों है खास
आज 1 जुलाई 2024 को गर्जिया माता मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। पिछले करीब दो महीने से गर्जिया माता का मंदिर बंद था। जिससे भक्त माता के दर्शन नहीं कर पा रहे थे।
गर्जिया माता मंदिर के टीले में दरारें आ गई थीं। मानसून सीजन में कोसी की बाढ़ और बारिश के दौरान कोई हादसा न हो जाए, इसे देखते हुए टीले का जीर्णोद्धार कराया गया है।

प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर को 10 मई के बाद आज 1 जुलाई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। नैनीताल जिले के रामनगर में स्थित प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर में 10 मई से लेकर 30 जून तक श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी। प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर कोसी नदी के बीचों-बीच एक ऊंचे टीले पर स्थित है। साल 2010 में आई बाढ़ के चलते मंदिर के टीले में दरारें आ गई थीं।
दरारें बढ़ने से मंदिर को खतरा उत्पन्न हो गया था। सिंचाई विभाग द्वारा शासन को इसके टीले की मरम्मत का कार्य किये जाने को लेकर प्रस्ताव भेजा गया था। मई 2024 में इसके प्रथम चरण के कार्य के लिए सिंचाई विभाग को 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जारी हुई थी।
जिसके बाद काम शुरू हुआ और बरसात को देखते हुए 10 मई से 30 जून तक इस मंदिर को दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिया गया था। इसका काम दो फेज मे होना है। पहला 10 मई से शुरू होकर 30 जून तक चला। दूसरा फेज का काम अक्टूबर में होगा। मंदिर में देश विदेश से भक्त पहुंचते हैं।
नैनीताल जिले के रामनगर तहसील मुख्यालय से तकरीबन 15 किलोमीटर दूर सुंदरखाल गांव में मां गर्जिया का पावन धाम स्थित है। ये मंदिर माता पार्वती को समर्पित है। लेकिन 13 सालों से मंदिर खतरे के साये में है। जिसको सुधारने के लिए एक बार फिर कवायद हो रही है।












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