'डेमोग्राफी चेंज बर्दाश्त नहीं,देवभूमि में मतांतरण लैंड जिहाद और थूक जिहाद नहीं चलेगा'...सीएम धामी की दो टूक
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि देवभूमि में मतांतरण लैंड जिहाद और थूक जिहाद नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के समाज के लोगों को भी आगे आकर ऐसी मानसिकता वालों लोगों को जवाब देना होगा।
सीएम धामी ने दशहरे पर आयोजित कार्यक्रमों में इस बात पर जोर दिया कि राज्य में किसी भी प्रकार से डेमोग्राफी चेंज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पवित्र भूमि का सनातन स्वरूप सदा के लिए सुरक्षित रहेगा।

बता दें कि बीते दिनों उत्तराखंड में कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें इस तरह की शिकायतें सामने आई हैं। विशेष समुदाय की इस तरह की हरकत का वीडियो भी सामने आया, जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली। जिसके बाद भाजपा ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने क्या कहा
भाजपा ने देवभूमि में बाहर से आए समुदाय विशेष के लोगों द्वारा अपराध की घटनाओं पर चिंता जताते हुए दावा किया कि उतराखंड के स्थानीय मुस्लिम समाज इस तरह की घटनाओं मे लिप्त नही है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के स्थानीय निवासियों से ऐसे अपराधी तत्वों को पहचानने में प्रशासन की मदद की अपेक्षा की है । साथ ही ऐसी राजनैतिक पार्टियों से भी सतर्क किया है जो सिर्फ वोट बैंक बढ़ाने के लिए ही बाहरी अपराधिक तत्वों को संरक्षण देते हैं।
बाहर से आए मुस्लिम समुदाय के लोगों की संलिप्तता
उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के अधिकांश लोग जो पीढ़ी दर पीढ़ी राज्य में निवास कर रहे हैं वे देवभूमि की परंपराओं और मान्यताओं का विशेष सम्मान करते हैं। क्योंकि अधिकांशतया महिला एवं अन्य अपराध के अतिरिक्त सामाजिक वैमनस्य बढ़ाने की घटनाओं में राज्य के बाहर से आए मुस्लिम समुदाय के लोगों की संलिप्तता पाई गई है।
स्थानीय मुस्लिम ने किया है विरोध
इसमें चाहे थराली की बात हो या चाहे मसूरी की अथवा पुरोला की और कर्णप्रयाग की घटना मे जांच के बाद यह बात सामने आई कि स्थानीय मुस्लिम इस तरह की घटनाओं मे लिप्त नही थे। और उन्होंने भी ऐसी घटनाओं का विरोध किया है।
स्थानीय मुस्लिम समाज की भूमिका अहम
लिहाजा ऐसे तत्वों पर कठोर से कठोर कार्यवाही तो सरकार कर रही है, लेकिन सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत उनपर नियंत्रण के लिए स्थानीय मुस्लिम समाज की भूमिका अहम हो जाती है । इसीलिए सर्वथा उचित है कि अल्पसंख्यक समुदाय के राज्यवासी अपने मध्य से ऐसे लोगों को चिन्हित करे और प्रशासन के साथ उनकी जानकारी साझा करने में सहयोग करें।
मसूरी की घटना को लेकर क्या कहा
उन्होंने कहा कि मसूरी की घटना को लेकर वहां रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा कड़ी कार्यवाही करने की अपील का स्वागत किया है। साथ ही आह्वाहन किया कि ऐसी कोशिशों से प्रेरणा लेकर प्रदेश के सभी स्थानीय अल्पसंख्यकों द्वारा अपने आसपास इंसानी खाल में छिपे भेड़ियों को सामने लाने का समय आ गया है। वहीं उन राजनैतिक पार्टियों से भी सतर्क रहने की जरूरत बताई जो सिर्फ वोट बैंक बढ़ाने के लिए ही बाहरी अपराधी तत्वों के कुकृत्यों पर पर्दा डालने की साजिश में लगे रहते हैं।












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