सोशल मीडिया पर महिला के नाम से भेजी फ़्रेंड रिक्वेस्ट, फिर शुरू हुआ भावनात्मक ब्लैकमेल और लाखों रूपए का खेल
उत्तराखंड एसटीएफ ने फर्जी महिला डॉक्टर बनकर भावनात्मक ब्लैकमेल, फर्जी दस्तावेजों, और सरकारी एजेंसियों के नाम का गलत प्रयोग कर 50 लाख की साइबर ठगी करने वाला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना को न्यू उस्मानपुर दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
आरोपित पीड़ितों को झांसे में लेने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का प्रयोग करते थे। फेसबुक, व्हाट्सएप, कॉल और मैसेज के जरिए अधिक मुनाफे का लालच देकर धोखाधडी कर रहे थे। जिन्होंने एक साल में ही लाखों रूपए का ट्रांजेक्शन कर लिया था।

एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार देहरादून के पीड़ित को नवंबर 2024 में सोशल मीडिया पर एक फ़्रेंड रिक्वेस्ट मिली जो महिला डॉ. लवेत गिब्सन के नाम से था। जिसने स्वयं को IGI एयरपोर्ट का कस्टम ऑफिसर बताया। पीड़ित को फर्जी महिला डॉक्टर और उसके भावनात्मक ब्लैकमेल, फर्जी दस्तावेजों और सरकारी एजेंसियों के नाम का गलत उपयोग कर सोशल प्लेटफार्म के माध्यम से उपलब्ध कराये गये विभिन्न बैंक खातो में लगभग 50 लाख रुपये की धनराशी धोखाधड़ी से जमा करायी गयी।
पुलिस जांच में पता चला कि साईबर अपराधियो द्वारा घटना में पीड़ित से कस्टम ऑफिसर अन्य सरकारी कर्मचारियों का प्रतिरूपण कर के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में धनराशि स्थानान्तरित करवायी गयी। घटना का मास्टरमांइड व मुख्य आरोपी ओम शर्मा पुत्र राजकुमार शर्मा निवासी राम पार्क,पुलिस स्टेशन लोनी, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश गिरफ्तार किया गया। जिस पर अन्य राज्यों में भी पुलिस केस दर्ज हैं।
ऐसे कमाए लाखों रूपए
अभियुक्त द्वारा फर्जी आईडी पर लिए गए सिम का प्रयोग कर कस्टम अधिकारी बनकर व अन्य सरकारी कर्मचारियों का प्रतिरूपण कर पीड़ितों को उनके मोबाइल नंबर पर कॉल कर फर्जी बैंक खातों पर मोटी धनराशि स्थानांतरित कर पैसा कमाता था। अभियुक्त द्वारा धोखाधडी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैक खातों में प्राप्त कर उक्त धनराशि को अन्य खातों में स्थानान्तरण कर दिया जाता था।
अभियुक्त के द्वारा बैंको के खाते में कुछ माह के अन्दर विवेचना के दौरान लाखों का संदिग्ध लेन-देन भी होना पाया गया है। प्रारम्भिक पूछताछ में अभियुक्त ने साईबर अपराध हेतु जिन बैंक खातों को बेचा गया है उसमें मात्र 2-4 माह में ही लाखों रूपयों का लेन-देन होना प्रकाश में आया है। जाँच में यह भी प्रकाश में आया है कि अभियुक्तगण के बैंक खाते के विरुद्ध देश के कई राज्यों में कुल 04 साईबर अपराधों की शिकायतें दर्ज हैं।












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