Dehradun में मुस्लिम संस्थान जमीन विवाद पर BJP MLA ने सीएम धामी से की शिकायत, कांग्रेस ने भी कही ये बात
Dehradun देहरादून में मुस्लिम संस्थान के लिए दी जाने वाली विवादित जमीन को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सैन्य सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल धौलास में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान के लिए दी जमीन का आवंटन रद्द करने का आग्रह किया है।
इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली से मुलाकात में सीएम ने शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया है। पार्टी और सरकार ऐसी किसी भी विधर्मी मंशा को देवभूमि में सफल नहीं होने देंगे। चमोली ने बताया कि कांग्रेस पार्टी अपने विशेष वोट बैंक के लालच में लगातार देवभूमि के देववत्व को खराब करने का प्रयास करती रही है। ये नया खुलासा तो इसकी एक बानगी है।

कहा कि विवादित जमीन अल्पसंख्यक संस्थान को तिवारी सरकार में दी गई थी, जबकि आईएमए की सुरक्षा और उनके विरोध को दरकिनार किया गया। लेकिन जब 2022 में मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने का विषय उठा तो सभी को चिंता हुई कि वहां यूनिवर्सिटी कैसे और कहां बन सकती है? जब यह समूचा प्रकरण सामने आया, तब चुनावी राजनीतिक माहौल था। हमने विरोध किया और जनता ने कांग्रेस को चुनाव में हरा दिया।
आज यह प्रकरण पुनः इस तरह सामने आया तो समझ में आया कि 2022 में मुस्लिम यूनिवर्सिटी की बात का आधार ही यह जमीन था। उसके बाद यह लोग लैंड यूज चेंज करने के लिए हाई कोर्ट गए और हाई कोर्ट ने मना कर दिया। लेकिन अब यह जमीन खुर्द बुर्द की जा रही है और समुदाय विशेष के लोगों को दी जा रही है।
उन्होंने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां पर आईएमए है, देश की सुरक्षा का प्रश्न है, देश की सेवा के अफसर वहां तैयार किए जाते हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में इस भूमिका के लिए ज़मीन देना पूरी तरह से गलत था। उस भूमि पर धर्म विशेष की यूनिवर्सिटी बनाना और अब समुदाय विशेष के लोगों को वहां बसाना उससे भी बड़ा गंभीर एवं दुर्भाग्यपूर्ण विषय है।
उन्होंने जानकारी दी कि इस संबंध में उनकी मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से मुलाकात हुई है। जिसमें उन्होंने मांग की कि विवादित जमीन को तत्काल सरकारी कब्जे में लेकर, आवंटन रद्द किया जाए। जिसपर मुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखाते हुए शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया है।
भाजपा के आरोपों पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी पलटवार किया है। हरीश रावत ने कहा है कि धौलास का एक भूखंड, वर्ष 2004 का प्रसंग और भाजपा को उसमें भी मुस्लिम यूनिवर्सिटी और डेमोग्राफिक चेंज नजर आ रहा है। वर्ष 2004 से अभी-अभी तक भाजपा कई कई बार सत्ता में आ चुकी है। यदि धौलास में कुछ गलत है तो 2004 से 2026 तक भाजपा चुप क्यों रही? आज भी जो प्लाटिंग हुई है, वह भी भाजपा की सरकार की अनुमति से ही हुई होगी।












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