उत्तराखंड में सत्ता परिवर्तन की रणनीति में जुटी कांग्रेस भूली परिवर्तन यात्रा का तीसरा चरण, जानिए कैसे
देहरादून, 31 दिसंबर। उत्तराखंड में परिवर्तन को लेकर रणनीति बनाने में जुटी कांग्रेस अपनी ही परिवर्तन यात्रा को भूल गई है। पार्टी संगठन स्तर पर परिवर्तन करने को देहरादून से दिल्ली दौड़ लगा चुकी है, लेकिन सत्ता परिवर्तन को शुरू की गई परिवर्तन यात्रा अपने अंतिम पड़ाव तक नहीं पहुंच पाई है। पार्टी ने यात्रा को तीसरे चरण से आगे नहीं बढ़ाने का ऐलान किया था, लेकिन दिसंबर बीत जाने के बाद भी परिवर्तन यात्रा समाप्त नहीं हो पाई है।

दो चरण हो चुके हैं पूरे
उत्तराखंड में सत्ता परिवर्तन के लिए कांग्रेस ने तराई और हरिद्वार सीटों पर दो चरणों में परिवर्तन यात्रा की। इस दौरान कांग्रेस ने जोर-शोर से प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। महंगाई, बेरोजगारी, महिलाओं के मुद्दों के अलावा किसानों की समस्या को लेकर भी कांग्रेस लगातार यात्रा के जरिए परिवर्तन का संदेश देने की कोशिश में जुटी रही। तराई और हरिद्वार क्षेत्र को कवर करने के बाद भाजपा ने परिवर्तन यात्रा का तीसरा चरण 20 से 24 अक्टूबर तक प्रस्तावित किया था। जो कि गढ़वाल की सीटों पर प्रस्तावित था। बाद में इसे स्थगित कर दिया गया। इसके बाद सरकार की ओर से विधानसभा का शीतकालीन सत्र आहूत करने पर विचार करने के बाद कांग्रेस के रणनीतिकारों ने सत्र के दौरान इसकी तिथियां तय करने पर जोर दिया। इसके बाद कांग्रेस ने परिवर्तन यात्रा तीसरे चरण से आगे नहीं बढ़ाने का ऐलान किया। इसके लिए विधानसभा का शीतकालीन सत्र निपटने के तुरंत बाद इसे पर्वतीय क्षेत्र की लोकसभा की तीनों सीटों पर एक साथ निकालने का दावा किया गया। 10 दिन की यह यात्रा 10 दिसंबर से प्रारंभ होकर 20 दिसंबर को समाप्त होनी थी।
तीन लोकसभा क्षेत्र बचे हैं अभी
कांग्रेस नैनीताल व हरिद्वार लोकसभा क्षेत्रों में परिवर्तन यात्रा के दो चरण पूरे कर चुकी है। जबकि अभी तीन लोकसभा क्षेत्र बचे हैं। पार्टी ने टिहरी, पौड़ी और अल्मोड़ा लोकसभा क्षेत्रों में एक साथ परिवर्तन यात्रा निकालने की रणनीति तैयार की थी, लेकिन कांग्रेस संगठन के अंदर चल रहे परिवर्तन की मांग की वजह से पार्टी प्रदेश में परिवर्तन यात्रा नहीं निकाल पा रही है। इस बीच चुनाव अभियान की कमान संभाल रहे पूर्व सीएम हरीश रावत ने हाईकमान से परिवर्तन करने और खुद के लिए फ्री हैंड मांग लिया जबकि प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने संगठन स्तर पर बड़ा परिवर्तन भी करा लिया लेकिन पार्टी की प्रदेश सत्ता में परिवर्तन की यात्रा अंजाम तक नहीं पहुंचा पाई है।
भाजपा का दूसरा चरण 1 जनवरी से
इधर सत्ताधारी भाजपा की विजय संकल्प यात्रा का दूसरा चरण 1 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। भाजपा अब तक 11 दिन में 3.5 हज़ार किलोमीटर की यात्रा तय कर चुकी है। दूसरे चरण में शेष 27 विधानसभा क्षेत्रों में की जाएगी। दूसरे चरण में यात्रा देहरादून विकासनगर, पुरोला, धनौल्टी, चकराता, मसूरी, टिहरी, घनसली,प्रतापनगर, यमुनोत्री, गंगोत्री, हल्द्वानी , कालाढूंगी, रामनगर, काशीपुर, जसपुर, गदरपुर, रुद्रपुर, किच्छा, लालकुआं, सितारगंज, नानकमत्ता,एवं खटीमा में सम्पन्न होगा । कुमायूं मण्डल की यात्रा 4 जनवरी 2022 को खटीमा में केंद्रीय मंत्री माननीय नितिन गडकरी, अजय भट्ट , सीएम पुष्कर धामी, एवं प्रदेशाध्यक्ष मदन कौशिक की उपस्थिती में जनसभा के साथ समाप्त होगी । वहीं गढ़वाल मण्डल की यात्रा 6 जनवरी 2022 को उत्तरकाशी में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम पुष्कर धामी, पूर्व सीएम विजय बहुगुणा एवं प्रदेशाध्यक्ष मदन कौशिक की उपस्थिती में सम्पन्न होगी |












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