उत्तराखंड में घोषणा पत्र जारी करने में कांग्रेस आगे, भाजपा और AAP पिछड़ी, कैसे तय होगा सरकार का एजेंडा
सरकार आने पर क्या होगा एजेंडा, नहीं अब तक साफ
देहरादून, 7 फरवरी। उत्तराखंड में 14 फरवरी को मतदान है, लेकिन कांग्रेस के अलावा कोई भी दूसरा दल अभी तक अपना घोषणा पत्र जारी नहीं कर पाया है। कांग्रेस ने चारधाम चार काम को आधार बनाकर अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है, जबकि सत्ताधारी भाजपा और तीसरे विकल्प के तौर पर खुद को पेश कर रहे आम आदमी पार्टी अब तक चुनावी एजेंडे को मैनिफेस्टो के रुप में सामने नहीं ला पाई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सियासी दलों के पास सरकार बनाने को लेकर जनता के पास जाने के लिए कोई विजन नहीं रह गया है। इसका भी चुनाव में असर दिखना तय होगा।

कांग्रेस ने चारधाम चारकाम को बनाया है एजेंडा
किसी भी दल का घोषणा पत्र किसी आने वाली सरकार का विजन माना जाता है। जिसको आधार बनाकर 5 साल दल अपना काम काज करती हैं। इसमें जनता के मुद्दे और एजेंडा शामिल होता है। जिसके आधार पर जनता सरकार चुनती है। कांग्रेस ने चारधाम चार काम को आधार बनाकर अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इसमें महिलाओं, युवाओं, स्वास्थ और रोजगार को फोकस किया गया है। साफ है कि कांग्रेस घोषणा पत्र जारी करने में दूसरे दलों से आगे है। इसके लिए कांग्रेस की टीम ने पूरे उत्तराखंड में घूम कर सुझाव लेने के बाद घोषणा पत्र तैयार किया। अब जनता को भाजपा के घोषणा पत्र का इंतजार है। साथ ही पहली बार उत्तराखंड में तीसरे विकल्प के तौर पर खुद को मैदान में उतार चुकी आम आदमी पार्टी के भी घोषणा पत्र का इंतजार है।
भाजपा के दृष्टि पत्र का इंतजार
भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को घोषणा पत्र तैयार करने वाली टीम का प्रमुख बनाया है। जो कि जनता के सुझावों के आधार पर घोषणा पत्र को तैयार करने का दावा कर रही है। भाजपा अब तक 60 प्लस के मिशन को मोदी सरकार के विजन के आधार पर ही जनता को लुभाने की कोशिश कर रही है। लेकिन अगले 5 साल में सरकार जनता के लिए क्या करने जा रही है, क्या सुविधाएं और एजेंडा भाजपा उत्तराखंड को लेकर सोच रही है। इसके लिए सबको भाजपा के घोषणा पत्र का इंतजार है। भाजपा के घोषणा पत्र में देरी को लेकर सवाल उठने तय है। जिसको आधार बनाकर भाजपा चुनाव में है, वो दृष्टि पत्र अब तक जनता के बीच नहीं है। जब तक कांग्रेस और भाजपा दोनों के घोषणा पत्र नहीं जारी होंगे तब तक जनता किस दल का विजन जनता के लिए आने वाले 5 साल में बेस्ट है, इसका निर्णय कैसे करेंगे। ऐसे में मतदान से काफी पहले मैनिफेस्टो जारी होना जरुरी हो जाता है। उधर आम आदमी पार्टी ने भी अब तक अपना घोषणा पत्र जारी नहीं किया है, लेकिन आप के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 10 सूत्रीय एजेंडा जारी किया है। अरविंद केजरीवाल 3 दौरे पर उत्तराखंड में हैं। अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड के लिए पार्टी के घोषणापत्र के दस प्रमुख बिंदुओं को सारांश सोमवार को जारी कर दिया। उन्होंने बताया कि पार्टी का घोषणापत्र आगामी दो दिनों में सेवानिवृत्त कर्नल अजय कोठियाल करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि उत्तराखंड में भी दिल्ली मॉडल लागू किया जाएगा। केजरीवाल ने राजधानी, शिक्षा, चिकित्सा, महिलाओं को भत्ता, आध्यात्मिक राजधानी, मुफ्त तीर्थ योजना आदि कई मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। साफ है कि आम आदमी पार्टी के घोषणा पत्र में इन सभी मुद्दों का समावेश किया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications