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आसान नहीं 'लक्ष्य', पहाड़ी जिले से निकलकर CWG में गोल्ड जीतने का सफर, दादा और पिता भी हैं बैडमिटंन प्लेयर

मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रहने वाले हैं लक्ष्य सेन

देहरादून, 9 अगस्त। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में बैडमिंटन में पुरुषों के सिंगल मुकाबले में अल्मोड़ा के लक्ष्य सेन से गोल्ड मैडल हासिल कर उत्तराखंड के साथ पूरे देश का नाम रोशन किया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के आखिरी दिन भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने बैडमिंटन के पुरुष सिंगल्स के फाइनल मैच में मलेशिया के जी योंग एनजी को हराया।लक्ष्य मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रहने वाले हैं।

दादा और पिता दोनों बैडमिंटन के खिलाड़ी

दादा और पिता दोनों बैडमिंटन के खिलाड़ी

लक्ष्य का परिवार उत्तराखंड के रहने वाले हैं। लक्ष्य सेन के दादा सीएन सेन और पिता डीके सेन दोनों बैडमिंटन के खिलाड़ी थे। लक्ष्य के पिता ने बेटे को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए बड़ा योगदान दिया। उन्होंने अपना शहर छोड़ दिया और बेंगलुरु शिफ्ट हो गए। लक्ष्य के बड़े भाई चिराग सेन भी बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। लक्ष्य के पिता प्रकाश पादुकोण अकादमी से जुड़े हैं और जिनकी देखरेख में लक्ष्य चार साल की उम्र से स्टेडियम जाने लगा था।

दसवीं तक की पढ़ाई अल्मोड़ा में ही हुई

दसवीं तक की पढ़ाई अल्मोड़ा में ही हुई

लक्ष्य की दसवीं तक की पढ़ाई अल्मोड़ा के बीरशिवा स्कूल में ही हुई। 2018 में लक्ष्य ने जूनियर एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप अपने नाम की थी। उसके बाद से लगातार बड़े टूर्नामेंट में जीत हासिल कर रहे हैं। वर्ल्ड चैंपियनशिप और थॉमस कप पदक के बाद अब उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भी पदक अपने नाम कर लोहा मनवाया है।

16 साल बाद उत्तराखंड का बेटा गोल्ड लेकर आया

16 साल बाद उत्तराखंड का बेटा गोल्ड लेकर आया

16 साल बाद उत्तराखंड के बेटे ने अपने प्रदर्शन के दम पर देश के लिए फिर गोल्ड लेकर आया है। इससे पहले साल 2006 में उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के रहने वाले निशानेबाज जसपाल राणा ने ये कारनामा किया था। उत्तराखंड का यह दिग्गज निशानेबाज राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए सबसे सफल एथलीट रहे हैं। उन्होंने इन खेलों में 1994 से 2006 के बीच 15 पदक जीते हैं। इनमें नौ स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं।

कई जूनियर चैंपियनशिप अपने नाम कर चुके लक्ष्य

कई जूनियर चैंपियनशिप अपने नाम कर चुके लक्ष्य

लक्ष्य सेन नेशनल लेवल पर कई जूनियर चैंपियनशिप अपने नाम कर चुके हैं। लक्ष्य सेन महज 15 साल के थे, तब वह अंडर.19 चैंपियन बने थे। इसके अलावा लक्ष्य 2016 में एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 2017 में BWF लेवल के India International Series और The Eurasian Bulgarian Open, साल 2018 में उन्होंने Asian Junior Championship जीता। अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

जीत पर मिल रही बधाईयां

जीत पर मिल रही बधाईयां

लक्ष्य के इस ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि

अद्भुत लक्ष्य सेन!! आपकी इस ऐतिहासिक जीत पर समस्त उत्तराखंडवासी हर्षित हैं।

पूर्व सीएम हरीश रावत ने लिखा है कि

लक्ष्यसेन आप पर उत्तराखंड और अल्मोड़ा को गर्व है। आपने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीतकर देश की प्रतिष्ठा को ऊंचा उठाया है, आपको बहुत.बहुत बधाई व आपके कोच और आपके माता.पिता को भी हार्दिक बधाई और भविष्य के लिए आपको शुभकामनाए ओलंपिक में भी आपको स्वर्ण पदक जीतना है।

पीएम मोदी को अल्मोड़ा की मशहूर बाल मिठाई कर चुके हैं भेंट

पीएम मोदी को अल्मोड़ा की मशहूर बाल मिठाई कर चुके हैं भेंट

भारतीय टीम ने पहली बार जब थॉमस कप जीता। तो फाइनल में जीत हासिल करने के तुरंत बाद पीएम मोदी ने खिलाड़ियों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की, उन्होंने भारतीय शटलर लक्ष्य सेन से अल्मोड़ा की बाल मिठाई के लिए अनुरोध किया था।जब खिलाड़ियों के स्वदेश लौटने के बाद पीएम ने सीधे आमने.सामने आकर उनसे मुलाकात की है तब लक्ष्य ने ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अल्मोड़ा की बाल मिठाई भेंट की। पीएम मोदी ने कहा सबसे पहले मैं लक्ष्य को मेरे लिए अल्मोड़ा की बाल मिठाई लाने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मेरे छोटे से अनुरोध को याद किया और इसे पूरा किया। अल्मोड़ा की बाल मिठाई बहुत मशहूर है।

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