PM मोदी से BJP के दिग्गजों की मुलाकातों के बीच सीएम धामी भी पहुंचे दिल्ली,क्या 'गढ़वाल' का प्रेशर पॉलिटिक्स?
उत्तराखंड की सियासत में मानसून के बीच मुलाकातों का दौर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। नेताओं की दिल्ली दौड़ को लेकर देहरादून तक चर्चाओं का बाजार गर्म है।
इस बीच पूर्व सीएम और हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है।इन सभी मुलाकातों के बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी भी दिल्ली पहुंच गए। हालांकि सीएम ने इस मुलाकात को प्रदेश के विकास की योजनाओं को लेकर होने वाली मुलाकात बताई है।

मफलर व पिरुल से बनी सामग्री भेंट की
पूर्व सीएम और हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र रावत ने पीएम से मुलाकात के बीच मोदी को खास उपहार भी भेंट की। जिसके बारे में त्रिवेंद्र रावत ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि पीएम से उत्तराखण्ड की संस्कृति व सरोकारों पर बहुत अच्छी चर्चा हुई। अपनी बड़ी बिटिया कृति की मुहिम हिमालयन थ्रेड्स द्वारा डिजाइन किया श्री बदरी केदार थीम पर बना मफलर व पिरुल से बनी सामग्री भेंट की।
बहुत अधिक व्यस्तता के बाद भी समय दिया
पिरुल का ऐसा सुंदर इस्तेमाल देखकर उन्होंने बहुत प्रसन्नता व्यक्त की। इस दौरान एकोफ़्रेंडली और पुनः इस्तेमाल हो सकने योग्य कारतूस के विषय में भी प्रधानमंत्री को विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बहुत अधिक व्यस्तता होने के बावजूद भी समय देने के लिए मोदी जी का हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त करता हूं।
गढ़वाल मंडल के नेताओं का मोदी से मिलने का सिलसिला
त्रिवेंद्र रावत की मुलाकात को भी गढ़वाल मंडल के नेताओं का पीएम मोदी से मिलने के सिलसिले से जोड़कर देखा जा रहा है। इसकी शुरूआत सबसे पहले प्रदेश के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत से हुई। धन सिंह ने पीएम मोदी से मुलाकात की। उनके बाद पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत भी पीएम मोदी से मिल। राज्यसभा सांसद नरेश बंसल भी मोदी से मिलने पहुंचे थे।
मंत्री, सांसद, सीनियर नेताओं की दिल्ली दौड़
अब त्रिवेंद्र रावत भी उपहार के साथ पहुंचे थे। इस बीच सीएम ने दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात कर विभिन्न योजनाओं को लेकर अपनी मांगों को रखा। इससे पहले धामी सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी व सुबोध उनियाल भी नई दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं।
मुलाकात का दौर कहां कहां
पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष से भेंट की। इसके साथ ही तीन सांसद अनिल बलूनी, त्रिवेंद्र रावत, अजय भट्ट केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से केंद्रीय मंत्री प्रह्रलाद जोशी के साथ मुलाकात कर चुके हैं।
ये मुलाकात एक बहाना
उत्तराखंड भाजपा के विधायकों, सांसदों और सीनियर नेताओं की दिल्ली दौड़ को किसी तरह की सामान्य मुलाकात मानना मुश्किल है। ऐसे समय में जब प्रदेश में कई तरह की सियासी हलचल तेज है। धामी कैबिनेट में लंबे समय से चार सीटों पर विस्तार और फेरबदल की चर्चा साथ ही प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का पूरा कार्यकाल होने का समय नजदीक होना। इस बात के संकेत हैं कि आने वाले समय में प्रदेश में सियासत कोई नया रंग दिखा सकती है। जो भी नेता पीएम मोदी से मिल रहे हैं, उनमें अभी तक गढ़वाल के नेता ही शामिल हैं।
समीकरण को साधने की चुनौती
बता दें कि सीएम धामी कुंमाउ से आते हैं। प्रदेश की सियासत गढ़वाल, कुंमाउ, ब्राह्रमण, क्षत्रिय, दलित इन्हीं सभी समीकरणों के हेर फेर में घूमती है। सीएम धामी कुमांउ के क्षत्रिय चेहरे हैं। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट गढ़वाल के ब्राह्रमण चेहरे हैं। जबकि केंद्र में मंत्री अजय टम्टा कुंमाउ के दलित चेहरे हैं।
प्रेशर पॉलिटिक्स
इस तरह से आने वाले समय में अब गढ़वाल का पलड़ा संतुलित करने का दबाव भाजपा संगठन पर है। प्रदेश अध्यक्ष के लिए भी गढ़वाल से ब्राह्रमण चेहरे की तलाश हो सकती है। इसके साथ ही धामी मंत्रिमंडल में चार सीटों पर अपने चहेतों को एडजस्ट करने की भी सियासत मानी जा रही है। जो भी ये मुलाकातों का सिलसिला किसी बड़े बदलाव की ओर भी संकेत दे रहे हैं। जिसके लिए कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।












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