चिंतन शिविर में बोले CM धामी: बीते एक दशक में देश भर में करीब 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार की नीतियों से बीते एक दशक में देश भर में करीब 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल चुके हैं। देहरादून में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन हुआ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे राज्य के लिए गौरव का विषय है कि यहां सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राष्ट्रीय स्तर का चिंतन शिविर आयजित किया जा रहा है। ये चिंतन शिविर बाबा साहब अंबेडकर तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे मनीषियों के चिन्तन का विस्तार भी है।

इस शिविर में आय़ोजित होने वाले संवाद से भविष्य में अपनायी जाने वाली सामाजिक सशक्तिकरण की नीतियों का रोडमैप तैयार होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अटल आवास योजना के तहत अनुसूचित वर्ग के आवासहीन परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए एक लाख 20 हजार रूपए की राशि प्रदान की जा रही है।
प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड के 128 जनजातीय गांवों का चयन किया गया है। उत्तराखण्ड में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से वृद्धजनों के ऑखों का उपचार तथा जेरियाट्रिक केयर यानि वृद्धजनों को विशेष देखभाल की सुविधा देने के लिए लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सरकारी नौकरियों में दिव्यांगजनों को 04 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार प्रदेश में नशामुक्त देवभूमि अभियान को मिशन मोड पर संचालित कर रही है। सरकार प्रदेश के प्रत्येक जनपद में नशामुक्ति केंद्र संचालित करने की योजना पर भी कार्य कर रही है, जनपद नैनीताल के हल्द्वानी में नशामुक्ति केंद्र का संचालन प्रारंभ भी किया जा चुका है।
राज्य में जहां एक ओर, भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को रेस्क्यू कर उन्हें स्कूल जाने के हेतु प्रेरित किया जा रहा है, वहीं युवा एवं प्रौढ़ वर्ग के लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का प्रय़ास भी किया जा रहा है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को और अधिक मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार की SMILE योजना के अंतर्गत प्रदेश के चार शहरों को चयनित किया गया है।
चिंतन शिविर में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वंचित समुदाय तक पहुंचाने में राज्यों की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। चिंतन शिविर का उद्देश्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाना ही है।
उन्होंने बताया कि जब आगरा से चिंतन शिविर का सफर शुरू किया गया था, तब उस कार्यक्रम में सिर्फ आठ राज्यों का प्रतिनिधित्व रहा था। मात्र 12 राज्यों के अधिकारी उस कार्यक्रम में पहुंचे थे। ये शुभ संकेत है कि देहरादून के चिंतन शिविर में 15 राज्यों का प्रतिनिधित्व हो रहा है। उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान का खास तौर पर जिक्र करते हुए कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्र, युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। केंद्र और राज्यों को इस चुनौती से मिलकर निबटना है।
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के तुरन्त बाद चिंतन शिविर के आयोजन की खास वजह रही है। हमारा ये मानना है कि योजनाओं के ठोस क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्यों के बीच शुरू में ही जानकारी साझा होने से बेहतर परिणाम निकल पाएंगे।
इस मौके पर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि हमारे पास एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। हम वंचित तबके को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते है। प्रधानमंत्री जी ने भी सबका साथ, सबका विकास का मूल मंत्र इसीलिए दिया है।












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