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Char dham yatra: राज्य सरकार की मदद को केन्द्र ने बढ़ाए हाथ, एनडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान भी रहेंगे मुस्तैद

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देहरादून, 13 मई। चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की परेशानी को देखते हुए अब केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है। चारधाम के लिए अब केंद्र सरकार ने एनडीआरएफ की टीम भेजी है। साथ ही आईटीबीपी के जवानों को भी पैदल यात्रा मार्गों पर मदद के लिए तैनात किया गया है। जो कि यात्रियों को एस्कॉर्ट कर तबियत खराब होने पर यात्रियों को मेडिकल कैंप तक पहुंचाऐंगे।

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     Chardham Yatra- Center extended the help of state government, NDRF team and ITBP personnel will also be ready

    3 मई से जारी है चारधाम यात्रा
    उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आए दिन श्रद्धालुओं के पहुंचने का नंबर बढ़ता जा रहा है। जिससे चारों धामों में राज्य सरकार की तैयारियां कम पड़ रही है। 3 मई से शुरु हुई यात्रा में अब तक 3 लाख के आसपास यात्री चारधाम पहुंच चुके हैं। जबकि 9 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। ऐसे में राज्य सरकार को स्थिति को कंट्रोल करने में परेशानी हो रही है। इसके साथ ही 9 दिनों में 28 यात्रियों की मौत हो चुकी है। जो कि काफी बड़ा आंकड़ा है। इस आंकड़े की वजह से केन्द्र सरकार भी अलर्ट हो चुकी है। जिसके लिए राज्य सरकार से रिपोर्ट भी मांगी गई है। मौत का आंकड़ा बढ़ता देख केन्द्र ने चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की मदद के लिए एनडीआरएफ की टीम भेजी है। खास तौर पर केदारनाथ धाम और यमुनोत्री के पैदल मार्ग पर एनडीआरएफ टीम तैनात की गई है। इसके अलावा आईटीबीपी के जवानों को यात्रियों की मदद के लिए तैनात किया गया है। केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग पर यदि किसी यात्री की अचानक तबीयत खराब होती है तो एनडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान तत्काल मदद कर उन्हें मेडिकल कैंप तक पहुंचाएंगे, ताकि समय पर इलाज मिल सके।
    चार धामों में केदारनाथ और यमुनोत्री ही पैदल मार्ग
    चार धामों में केदारनाथ और यमुनोत्री ही पैदल मार्ग है। जहां यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स​बसे ज्यादा मौत भी इन्हीं मार्गों पर हो रही है। ऐसे में पैदल मार्गों पर एक्सपर्ट टीमें मौजूद रहेंगी। एसडीआरएफ की टीमें पहले ही चारधामों में तैनात हैं। जो कि पहले से ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस टीमें भी मार्गों पर लोगों की सेवाएं कर रही है। राज्य सरकार ने भले ही प्रतिदिन एक ​निर्धारित संख्या में श्रद्धालुओं को भेजने का निर्णय लिया है। लेकिन धामों में फिर भी अव्यवस्थाएं नजर आ रही है। चार धाम यात्रा में पहली बार केंद्र सरकार की ओर से एनडीआरएफ की टीम भेजी गई है। अब केंद्र की एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम किसी भी स्थिति से निपटने को हमेशा मुस्तैद रहेंगी। मुख्य सचिव डा. एसएस संधु ने बताया ​कि यात्रा अब पूरी तरह व्यवस्थित हो गई है। शुरुआती दिनों में आमतौर पर भीड़ अधिक होती है। खासतौर पर यात्रा शुरू होने के दिन श्रद्धालुओं की संख्या हमेशा बढ़ती है। अब श्रद्धालुओं की संख्या को नियंत्रित करने को सिस्टम तैयार कर लिया गया है। धामों में श्रद्धालुओं के आने के लिए एक निर्धारित संख्या तय कर दी है। इस तय संख्या के बाद श्रद्धालुओं के पंजीकरण नहीं हो रहे हैं। बल्कि आगे की तारीख के लिए पंजीकरण कराए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को धामों में सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। उनके स्वास्थ्य, रहने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कहा कि चारधाम यात्रा दो साल बाद शुरू हुई है। कोरोना के कारण सीमित संख्या में ही यात्रा चली। यही वजह है, जो इस बार श्रद्धालु बड़ी संख्या में आ रहे हैं।

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    English summary
    Chardham Yatra- Center extended the help of state government, NDRF team and ITBP personnel will also be ready
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