चंदन राम दास का निधन: भाजपा ने कुमाऊं में खोया बड़ा दलित चेहरा, कैबिनेट में खाली हुई अब चार सीटें
उत्तराखंड की धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे चंदन राम दास के निधन के बाद में भाजपा ने कुमाऊं में दलित का बड़ा चेहरा खो दिया है। इसके साथ ही पहले से कैबिनेट में खाली चल रही कैबिनेट की तीन सीटें बढ़कर अब चार हो गई हैं।

उत्तराखंड की धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे चंदन राम दास पंचतत्व में विलीन हो गए। चंदन राम दास के निधन के बाद में भाजपा ने कुमाऊं में दलित का बड़ा चेहरा खो दिया है। इसके साथ ही पहले से कैबिनेट में खाली चल रही कैबिनेट की तीन सीटें बढ़कर अब चार हो गई हैं। इस तरह भाजपा और धामी सरकार दोनों को इन सभी समीकरणों पर नए सिरे से काम करना होगा।
2007 से लगातार 4 बार विधायक
चंदन राम दास 2007 से लगातार 4 बार विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे थे। इस बार चंदन राम दास की वरिष्ठता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी ने उन्हें कुमाऊं और दलित दोनों सीटों के समीकरणों पर फिट बैठते हुए कैबिनेट में जगह दी। साथ ही परिवहन, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी भी सौंपी। चंदन राम दास का राजनीतिक सफर 1997 से शुरू हुआ वे निर्दलीय बागेश्चर नगर पालिका के अध्यक्ष बने।
चंदन राम दास और रेखा आर्य सरकार में दो कुमाऊं के एससी चेहरे
इसके बाद उन्होंने भाजपा ज्वाइन की। 2007 में पहली बार भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ा और विधायक बने। इसके बाद चार बार जीतकर आए। चंदन राम दास और रेखा आर्य धामी सरकार में दो कुमाऊं के एससी चेहरे हैं। चंदन राम दास के निधन के बाद भाजपा के लिए जहां चंदन राम दास की सीट के लिए कोई चेहरा तलाशने की चुनौती है, वहीं कैबिनेट में भी समीकरण को साधने का चेलेंज है।
कैबिनेट में कुमाऊं की एक सीट और कम
सीएम पुष्कर सिंह धामी को जोड़कर 9 चेहरे कैबिनेट में है। इनमें कुमाऊं से दो ही चेहरे वो भी एससी लिए गए थे। अब चंदन राम दास के निधन के बाद कैबिनेट में कुमाऊं की एक सीट और कम हो गई है। धामी सरकार में पहले ही तीन सीटें पहले से खाली चल रही थी। अब कैबिनेट में चार सीटें रिक्त हो गई है। ऐसे में सीएम धामी के सामने एक मजबूत चेहरा तलाशने की चुनौती है। जो कि कुमाऊं और एससी दोनों की कमी को पूरा कर सके। कुमाऊं में भाजपा के खाते में अब दो ही एससी सीट हैं। एक नैनीताल से सरिता आर्य और दूसरी गंगोलीहाट से फकीर राम टम्टा। इसके अलावा कुमाऊं से बंशीधर भगत और विशन सिंह चुफाल लगातार वरिष्ठता को लेकर कैबिनेट में दावा कर रहे हैं।












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