समुद्रतल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर दयारा बुग्याल में 'बटर फेस्टिवल', दूध, मक्खन से खेलने की खास है वजह
समुद्रतल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर 28 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले बुग्याल में हर तरफ हरियाली और ऊंचे बुग्यालों में उगने वाली औषधीय गुणों से भरपूर घास से सराबोर वातावरण के बीच मक्खन, दूध से होली।
समुद्रतल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर 28 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले बुग्याल में हर तरफ हरियाली और ऊंचे बुग्यालों में उगने वाली औषधीय गुणों से भरपूर घास से सराबोर वातावरण के बीच मक्खन, दूध से होली। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में दयारा बुग्याल में मनाया जाने वाला बटर फेस्टिवल सबसे खास उत्सव है। इसे अढूंडी उत्सव भी कहते हैं।

स्थानीय लोग बताते हैं कि प्रकृति का आभार प्रकट करने के लिए दूध, मक्खन, मट्ठा की होली खेलने की परंपरा चली आ रही है। यह आयोजन मुख्य रुप से रैथल गांव के ग्रामीणों की ओर से होता है। लेकिन धीरे धीरे इसमें अब कई गांव जुड़ गए हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय लोग इसे अब समय के साथ खास उत्सव की तरह मनाने लगे हैं। इसमें देश विदेश से पर्यटकों को आमंत्रित किया जाता है। इस बार 500 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
दयारा बुग्याल में रैथल के ग्रामीणों सदियों से भाद्रप्रद महीने की संक्रांति को दूध मक्खन मट्ठा की होली का आयोजन करते आ रहे हैं। ग्रामीण गर्मियों की दस्तक के साथ ही अपने मवेशियों के साथ दयारा बुग्याल समेत गोई चिलापड़ा में बनी अपनी छानियों में ग्रीष्मकालीन प्रवास के लिए पहुंच जाते हैं। ऊंचे बुग्यालों में उगने वाली औषधीय गुणों से भरपूर घास व अनुकूल वातावरण का असर दुधारू पशुओं के दुग्ध उत्पादन पर भी पढ़ता है।
ऐसे में उंचाई वाले इलाकों में सितंबर महीने से होने वाली सर्दियों की दस्तक से पहले ही ग्रामीण वापिस लौटने से पहले अपनी व अपने मवेशियों की रक्षा के लिए प्रकृति का आभार जताने के लिए इस अनूठे पर्व का आयोजन करते हैं। उत्तरकाशी जिले में स्थित दयारा बुग्याल जाने के लिए भटवाड़ी तक गाड़ी से पहुंचना होता है। फिर रैथल गांव से दयारा बुग्याल तक 7 किमी पैदल चलना होता है।
दयारा पर्यटन उत्सव समिति के अध्यक्ष मनोज राणा ने बताया कि
इस बार 'बटर फेस्टिवल' यानी 'अढूंडी उत्सव' का आगाज स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के साथ होगा। 16 अगस्त की शाम को दयारा छानियों में कैंप फायर और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। जबकि, मुख्य कार्यक्रम 17 अगस्त को आयोजित होगा। इस आयोजन में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के 500 पर्यटकों ने बुकिंग करा दी है।












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