Uttarakhand bjp सीनियर नेताओं केे बयानों से असहज पार्टी नेतृत्व, प्रदेश अध्यक्ष को लगानी पड़ी दिल्ली दौड़,
भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की केन्द्रीय नेतृत्व से मुलाकात
उत्तराखंड के सर्द मौसम में एक बार फिर सियासत गरमा गई है। बीते दिनों से जिस तरह से धामी सरकार की अपनी ही पार्टी के सीनियर नेता बयानबाजी कर मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। उससे पार्टी की फजीहत होती हुई नजर आ रही है। इस बीच प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दिल्ली में केन्द्रीय नेतृत्व से मुलाकात की है, जिसके बाद एक बार फिर सियासी पारा चढ़ा हुआ है।

दो पूर्व सीएम के बयानों से एक बार फिर भाजपा मुश्किल में
भाजपा के दो पूर्व सीएम तीरथ सिंह और त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयानों से एक बार फिर भाजपा मुश्किल में पड़ती हुई नजर आ रही है। दोनों नेताओं के बयान सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहे हैं। इससे भाजपा के अंदरखाने एक बार फिर वर्चस्व की लड़ाई नजर आने लगी है। भाजपा के अंदर चल रहे इस सियासी द्वंद का फायदा कांग्रेस को भी मिल रहा है। जिस वजह से पूर्व सीएम हरीश रावत भी हमलावर हैं। ऐसे में पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। शुरूआत इस बार तीरथ सिंह रावत के बयान से हुई है। पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत का एक बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। उन्होंने कहा था कि यूपी में जो कमीशनखोरी की प्रथा प्रचलित थी वह उत्तराखंड में भी जारी है। यह सीधे तौर पर अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी मानी गई है। इसके बाद पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का एक बयान सामने आया जिसमें उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट सिटी उनके कार्यकाल में देश में 9वें स्थान पर था लेकिन आज जो हो रहा है उससे सरकार की छवि खराब हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट सिटी में कुछ गड़बड़ लगती है। इस बयान से पार्टी असहज नजर आ रही है।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को दिल्ली दौड़़ लगानी पड़ी
दोनों नेताओं का एक साथ अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी सियासत में एक बार भाजपा के अंदर चल रहे द्वंद की और इशारा कर रहे हैं। सोशल मीडिया में दोनों नेताओं केे बयानों से पार्टी को असहज महसूस होने लगा तो प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को दिल्ली दौड़़ लगानी पड़ी। महेंद्र भट्ट ने दिल्ली में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम से भेंट की। उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम के सामने सभी मसलों पर चर्चा की। सूत्रों का दावा है कि पार्टी इन बयानों से नाराज है और इसकोे लेकर सख्त कदम उठाने पर विचार कर रही है। इस बीच महेंद्र भट्ट ने हाईकमान को अपना फीडबैक दिया है। भाजपा इस समय दूसरे राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों पर फोकस कर रही है। ऐसे में जिस तरह भाजपा के अंदर उत्तराखंड में सियासी द्वंद छिड़ा हुआ है। इसका असर आने वाले दिनों में प्रदेश की सियासत पर पड़ना तय माना जा रहा है। यहां तक की इसे बड़े सियासी घटनाक्रम का संकेत भी माना जा रहा है।












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