यूकेडी की भू कानून को लेकर तांडव रैली,संघर्ष समिति ने बनाई दूरी, भाजपा ने कह दी बड़ी बात
भू कानून को लेकर एक बार फिर सियासत गरमाने लगी है। उत्तराखंड क्रांति दल की और से आज मूल निवास 1950 औऱ सख्त भू कानून की मांग को लेकर तांडव रैली निकाली गई। रैली के बाद यूकेडी के हजारों कार्यकर्ताओं ने सीएम आवास कूच किया।
रैली को सीएम आवास से पहले हाथीबड़कला बैरिकेडिंग पर रोक दिया गया। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों का पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी की गई। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह मूल निवासियों के हक की लड़ाई है, जिसे अंतिम सांस तक लड़ेंगे।

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि राज्य में हिमाचल जैसा भू-कानून और मूल निवास 1950 लागू किया जाए। उधर मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने स्पष्ट किया कि जनता की बनाई संघर्ष समिति, मूल निवास और भू-कानून की लड़ाई में राजनीतिक दलों के झंडे के नीचे खड़ी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के 24 वर्षों में राजनीतिक दलों ने जनता को धोखा दिया है।
अब जनता का इन पर भरोसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि सरकार ने भूमि से जुड़े काले कानूनों को रद नहीं किया तो संविधान दिवस यानी 26 नवंबर से शहीद स्मारक में भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। बता दें कि सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस बार सत्र में भू कानून को लेकर बिल लाने की बात की है।
इस बीच इस मामले पर सियासत जारी है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा की नीति और नीयत साफ है। जनता भू कानून को लेकर कुछ सब्र रखने की जरूरत है और सरकार जन भावनाओं के अनुरूप जल्दी ही कड़ा भू कानून लाने जा रही है।
उन्होंने कानून के समर्थन मे आयोजित रैली को लेकर आश्वस्त किया कि सीएम पुष्कर सिंह धामी बजट सत्र मे इस कानून को लेकर पहले ही अपनी प्रतिबद्धता जाता चुके हैं। उन्होंने कहा कि भू कानून को लेकर प्रक्रिया शुरू जो चुकी है और ड्राफ्ट सीएम को सौंपा जा चुका है। सशक्त भू कानून से पहले बाहरी लोगों द्वारा अवैध भूमि खरीद की प्रशासनिक जांच चल रही है और सभी जिलाधिकारियों को इसके निर्देश दिये गए हैं। एक एक इंच भूमि को भूमाफियाओं और अवैध खरीदारों से मुक्ति के लिए भाजपा सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।












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