जानिए कौन हैं बागेश्वर के पूरन सिंह राठौर, जिनकी पीएम मोदी ने की मन की बात में तारीफ
बागेश्वर के लोक गायक दिव्यांग पूरन राठौर। जिनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कार्यक्रम में जिक्र किया और तारीफ भी की। पूरन को हाल ही में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

उत्तराखंड की लोक संस्कृति और विरासत कुछ खास है। साथ ही खास हैं यहां के लोकविधा के जानकार। ऐसे ही एक खास सख्सियत हैं बागेश्वर के लोक गायक दिव्यांग पूरन राठौर। जिनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कार्यक्रम में जिक्र किया और तारीफ भी की। पूरन राठौर बागेश्वर के दुग नाकुरी तहसील के हैं। पूरन को हाल ही में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि पूरन राठौर ने राजुला मालूशाही, न्योली, हुड़क्या बौल, श्रतु रैण, जागर, भगनौल आदि विधाओं में रचनाएं प्रस्तुत कर संस्कृति बढ़ाने के क्षेत्र में कार्य किया है, वह सराहनीय है। मन की बात कार्यक्रम में पूरन सिंह राठौर की बात होने पर दुग नाकुरी तहसील क्षेत्र के साथ ही पूरे जिले में खुशी की लहर है।
आंखों से दिव्यांग, 11 वर्ष की उम्र से गीत गाने लगे
आंखों से दिव्यांग पूरन सिंह राठौर 11 वर्ष की उम्र से गीत गाने लगे। अभी उनकी उम्र 39 वर्ष है। वह पढ़े-लिखे नहीं हैं। उन्हें दिव्यांग पेंशन मिलती है। वह जागर, ऋतु रैण, छपेली, झोड़ा, चांचरी, न्योली और उत्तराखंड फोक गाते हैं। थाली, डांगर, ढोल, दमुआ, हुड़ुका आदि वाद्य यंत्र बजाते हैं। इंटरनेट मीडिया में अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। वह कहते हैं कक्षा पांच से सभी विद्यालयों में संगीत विषय की पढ़ाई होनी चाहिए। रीमा क्षेत्र में संगीत विद्यालय खोला जाए। वाद्य यंत्रों की उनके पास काफी कमी है।
पत्नी हेमा देवी उनकी आंखें
लोक गायक राठौर अपने पैतृक गांव रीमा में अपने परिवार के साथ रहते हैं। गीत गाकर वह परिवार को भरण पोषण कर रहे हैं। उनकी 15 वर्षीय बेटी रोशन कक्षा 10, 13 वर्षीय नेहा कक्षा सात, 10 वर्षीय गरिमा कक्षा पांच और छह वर्षीय पुत्र मयंक कक्षा एक में पढ़ रहे हैं। पत्नी हेमा देवी उनकी आंखें हैं। पीएम के कार्यक्रम में पूरन का जिक्र होने पर स्थानीय लोग काफी खुश हैं। स्थानीय विधायक कपकोट के सुरेश गढ़िया का कहना है कि
प्रधानमंत्री की नजर सुदरवर्ती गांव में पूरे देश तक है। जिसका जीता जागता उदाहरण पूरन सिंह राठौर की कला का मन की बात से प्रसारण करना है। कलाकारों, युवाओं और अपने क्षेत्र में अच्छे कार्य कर रहे लोगों में आत्मविश्वास बढ़ेगा। कपकोट विधानसभा क्षेत्र और जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है।
Recommended Video













Click it and Unblock the Notifications