बदरीनाथ एनएच पागल नाला में, यमुनोत्री हाईवे डाबरकोट के पास मलबा आने से बंद,कुमाऊं में भारी बारिश से आफत
उत्तराखंड में मानसून की बारिश अब आफत बनकर बरस रही है। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है।
प्रदेशभर में कई सड़कें बंद हो गई है। चार धाम यात्रा भी प्रभावित हो गई है। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पागल नाला में भारी मात्रा में मलबा आने के कारण अवरुद्ध हो गया है।

बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रा वाहनों को पीपलकोटी, पाखी, तांगनी में रोका गया है। हाईवे से मलबा हटाने का काम जारी है। वहीं यमुनोत्री हाईवे ओजरी डाबरकोट के पास मलबा आने से बंद है। यहां दोनों ओर से दर्जनो वाहन फंसे हुए हैं।
कुमाऊं में हल्द्वानी, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ समेत कई इलाकों में भारी बारिश ने नदियां उफान पर हैं। जगह जगह गदेरे आने से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई है। देहरादून में भी कई सड़कें बंद हो गई हैं। जिन्हें खुलवाने के लिए प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैंं।
देहरादून में भी लगातार दो दिनों से बारिश का क्रम जारी है। प्रदेशभर के कई जिलों में आज स्कूल बंद हैं। श्रीनगर में अलकनंदा का जल स्तर बढ़ने से घाटों तक पानी पहुंच गया है।
पर्वतीय क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के कारण मलबा आने से लोनिवि लैंसडौन की दो और लोनिवि दुगड्डा की चार सड़कें बंद हो गईं। सड़कें बंद होने से दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क कट गया है।
आज बुधवार 3 जुलाई को भी राज्य के सभी 13 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने अलर्ट के साथ सतर्कता बरतने को कहा है।
उत्तराखंड मौसम निदेशक विक्रम सिंह की मानें तो आने वाले तीन से चार दिनों में और ज्यादा बारिश होने की संभावना है। फिलहाल, सबसे ज्यादा बारिश का असर कुमाऊं में देखा जा रहा है लेकिन गढ़वाल भी इससे अछूता नहीं है। मौसम विभाग की ओर से चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।












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