उत्तराखंड में नकल रोकने के लिए आएगा नकल विरोधी कानून, सीएम धामी ने बताया क्या होंगे प्रावधान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में नकल रोकने के लिए नकल विरोधी कानून लाया जाएगा, जिसमें नकल करने वाले छात्रों को 10 साल तक परीक्षा देने से वंचित रखा जाएगा।

उत्तराखंड में धामी सरकार नकल रोकने के लिए सख्त कानून लाने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में नकल रोकने के लिए नकल विरोधी कानून लाया जाएगा, जिसमें नकल करने वाले छात्रों को 10 साल तक परीक्षा देने से वंचित रखा जाएगा, वहीं नकल कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी सारी संपत्ति तत्काल जब्त की जाएगी और उन को आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया जायेगा।
सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर काफी चिंतित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर काफी चिंतित है और हाल ही में लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पटवारी की परीक्षा में जिन लोगों ने भी नकल कराई है, उनके खिलाफ कड़ा एक्शन तत्काल लिया गया है। सरकार ने पटवारी भर्ती परीक्षा निरस्त कर, फरवरी माह में ही पटवारी भर्ती की परीक्षा आयोजित कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दोबारा परीक्षा आयोजन में पहले परीक्षा में भाग लेने वाले सभी छात्रों की रोडवेज की बस में आने जाने का किराया भी नहीं लिया जाएगा। बता दें कि उत्तराखंड में धामी सरकार ने नकलविहीन एग्जाम कराने और परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को परीक्षाओं की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन जिस तरह से आयोग के अंदर से ही पटवारी पेपर लीक हुआ, उसके बाद एक तरफ जहां आयोग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। आयोग के सामने अब इस साल होने वाली 31 प्रतियोगी परीक्षाओं को सुरक्षित और पारदर्शी कराने की चुनौती सामने है।
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22 जनवरी को होने वाली फॉरेस्ट गार्ड भर्ती
वहीं धामी सरकार पर नकलविहीन परीक्षा कराने और नकल गिरोह पर शिकंजा कसने की चुनौती है। सरकार और आयोग की की अग्नि परीक्षा अब 22 जनवरी को होने वाली फॉरेस्ट गार्ड भर्ती की होगी। फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा 894 पदों की 22 जनवरी को 600 से अधिक केंद्रों पर होने जा रही है, जिसमें दो लाख 10 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही 28 से 31 जनवरी के बीच आयोग की पीसीएस मुख्य परीक्षा होने जा रही है। इतना ही नहीं एक बार लीक हो चुके पटवारी परीक्षा को दोबारा 12 फरवरी को कराने की भी आयोग के सामने बड़ा चैलेंज है।
इस बीच धामी सरकार ने नकल करने वालों और पेपरलीक गिरोह पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके लिए कैबिनेट में भी सख्त कदम उठाने पर सहमति बन चुकी है।












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