यमुनोत्री के बाद गंगोत्री धाम में मची अफरा- तफरी, भागीरथी का दिखा रौद्ररूप,खतरा बरकरार
गंगोत्री धाम में भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने से अफरा तफरी का माहौल है। भागीरथी का जलस्तर बढ़ने से घाट जलमग्न हो गए।
साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के आश्रमों को भी खतरा बढ़ गया है। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस और एसडीआरएफ के जवान मौके पर तैनात हैं।

इस बीच मंदिर समिति ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही नदी में हो रहे कार्यों को लेकर भी नाराजगी दर्ज कराई है।
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उत्तराखंड में बारिश एक बार फिर आफत बनकर आई है। पिछले कई दिनों से उत्तरकाशी जिले में लगातार बारिश हो रही है। जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बीते दिनों यमुनोत्री धाम मंदिर परिसर से लेकर जानकीचट्टी तक यमुना का जलस्तर बढ़ने से भारी नुकसान हुआ है।
मंदिर परिसर के साथ ही जानकीचट्टी तक कई जगह भू कटाव और नुकसान हुआ। इस बीच गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे कई बार बाधित हो रहा है। गंगोत्री धाम में देर शाम को भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ गया। जिससे अफरा-तफरी मच गई। पुरोहित सभा के पुरोहितों ने किसी तरह अपना सामान मौके से हटाया।
इस बीच भगीरथ शिला तक पानी पहुंच गया। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण करीब एक दो घंटे पूजा और स्नान घाट जलमग्न हुए। नदी के तेज बहाव में शिवानन्द कुटीर आश्रम का गेट बह गया। इसके साथ ही सुरक्षा दीवार भी टूटने से आश्रम में पानी घुस गया। जिससे साधु संत और मजदूरों की जान पर बन आई। हालांकि बाद में धीरे-धीरे जलस्तर सामान्य हो रहा है।
नदी के दूसरी ओर सटे आश्रमों सहित आवासीय भवनों के लिए खतरा बढ़ गया है।इस बीच मंदिर समिति के पदाधिकारी और तीर्थ पुरोहित महेश सेमवाल ने मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारियों से शिकायत की। उन्होंने कहा कि जिस तरह का कार्य धाम में हो रहा है, उससे आने वाले समय में मंदिर परिसर को नुकसान हो सकता है। इसके लिए तुरंत उचित कदम उठाने होंगे।












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