राजस्थान में पुरानी पेंशन बहाली के फैसले के बाद उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत का बड़ा बयान, जानिए क्या कहा
पुरानी पेंशन बहाली को लेकर गरमाई सियासत
देहरादून, 24 फरवरी। राजस्थान सरकार के पुरानी पेंशन बहाली का फैसला लेने के बाद अब उत्तराखंड में भी पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारियों की आस जग गई है। कांग्रेस भी इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से ऐतिहासिक फैसला मान रही है। कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने इस फैसले का स्वागत किया है। साथ ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने पर इसे लागू करने का दावा किया जा रहा है। जिससे एक बार फिर मुद्दा गर्मा गया है।

80 हजार से ज्यादा कार्मिक
अन्य राज्यों की तरह प्रदेश में भी 80 हजार से ज्यादा कार्मिक पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अंदोलनरत हैं। चुनाव की घोषणा के बाद से ही प्रदेश के कर्मचारी पेंशन की मांग को लेकर ज्यादा मुखर नजर आए थे। हालांकि तब न प्रदेश सरकार और नहीं केन्द्र सरकार की ओर से कार्मिकों को आश्वस्त किया गया। अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जो एनपीएस कार्मिकों के लिए फैसला लिया है, उससे प्रदेश में कार्मिकों को उम्मीद बंधी है। नई सरकार पर इसको लेकर दबाव भी बनना तय है। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष जीत मणि पैन्यूली ने कहा है कि उनका संगठन पुरानी पेंशन बहाली का देशव्यापी आंदोलन चला रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों की सरकारें भी जल्द पुरानी पेंशन बहाल करेगी। कहा कि उत्तराखंड में आने वाली नई सरकार एक अक्तूबर 2005 के बाद नियुक्त सभी कार्मिकों को पुरानी पेंशन का लाभ जरूर देगी। नई सरकार के गठन के बाद एनएमओपीएस उत्तराखंड सभी कर्मचारियों को एकजुट कर नई रणनीति के तहत आंदोलन चलाएगा ताकि राजस्थान की तरह उत्तराखंड की सरकार भी पुरानी पेंशन बहाल करने को बाध्य हो।
हरीश रावत ने किया वादा
इधर राजस्थान के मुख्यमंत्री के फैसले के बाद कांग्रेस शासित राज्यों में भी पुरानी पेंशल बहाली की मांग तेज होनी तय है। उत्तराखंड में पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी इसे पहले ही अपने घोषणा पत्र में शमिल करने और इसका लाभ देने का दावा किया है।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि-
Thank you Ashok Gehlot ji,
आपने एक रास्ता दिखा दिया ओल्ड पेंशन स्कीम लागू कर आपने कांग्रेस शासित राज्यों के लिए एक उदाहरण स्थापित कर लिया है। हमने भी अपने घोषणापत्र में बहुत अध्ययन के बाद इस वादे को सम्मिलित किया है कि हम सत्ता में आएंगे पुरानी पेंशन लागू करेंगे। निश्चय ही उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनने की स्थिति में हम आपके निर्णय का लाभ उठाएंगे और तदनुसार उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी भी इस निर्णय को लागू करना चाहेगी।
चुनाव में मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है निर्णय
विधानसभा चुनावों के बीच कांग्रेस सरकार का ये निर्णय बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। जो कि कांग्रेस शासित राज्यों के लिए एक बड़ी मिसाल बन गई है। राज्य सरकार से लेकर केन्द्र सरकार के चुनाव में कार्मिकों की अहम भूमिका होती है। जिस तरह राजस्थान सरकार का ये फैसला आया है, उसके बाद अब उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार आने पर इसे लागू करने का दावा हरीश रावत का मास्टरस्ट्रोक भी कहा जाता है। चुनाव भले ही निपट गए हों, लेकिन 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले ये मुद्दा कांग्रेस को संजीवनी देने का काम करेगी।












Click it and Unblock the Notifications