उत्तराखंड में लगभग 62.5 प्रतिशत मतदान, कम मतदान से जानिए किसको होगा नफा, किसको नुकसान
उत्तराखंड में सभी 70 सीटों में मतदान सम्पन्न
देहरादून, 14 फरवरी। उत्तराखंड में सभी 70 सीटों में सोमवार को एक चरण में मतदान सम्पन्न हो गए। मतदान को लेकर जिस तरह की उम्मीद भाजपा, कांग्रेस समेत सभी सियासी दलों को थी, उसमें थोड़ा निराशा मिली है। निर्वाचन आयोग के देर रात तक जारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 62.5 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि 2017 में 65.60 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस तरह से उत्तराखंड में 3.1 प्रतिशत मतदान कम हुआ है। जो कि सभी सियासी दलों के लिए नई टेंशन दे गया है। मतदान कम होने के सभी सियासी दल अपने-अपने तरीके से गुणा-भाग में जुट गए हैं।

15 फरवरी तक पहुंचेगी सभी पोलिंग पार्टी
निवार्चल आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखण्ड की सभी 70 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के 11,697 मतदेय स्थलों पर मतदान शान्तिपूर्वक सम्पन्न हो चुका है। जिसमें लगभग 62.5 प्रतिशत मतदान हुआ है। हालांकि आयोग ने बताया कि मतदान समाप्ति के बाद मतदान पार्टियों के संग्रह केन्द्र पर लौटने के पश्चात ही मतदान के वास्तविक प्रतिशत आंकड़े जारी किए जा सकेंगें। राज्य में लगभग 80 हजार अधिकारियों, कर्मचारियों और लगभग 40 हजार सुरक्षा कर्मियों, जिसमें केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बल सहित लगभग 1.20 लाख कार्मिकों को निर्वाचन प्रक्रिया के सफल सम्पादनार्थ मतदान कार्मिक आदि के रूप में निर्वाचन संबंधी विभिन्न दायित्वों के लिए तैनात किया गया था। बताया गया कि मतदान के दिनांक को मॉकपोल से मतदान की समाप्ति तक लगभग 137 बी.यू. और 155 सी. यू. ,294 वीवीपैट में कुछ तकनीकी खराबी की सूचना प्राप्त हुई थी जिन्हें तत्काल सेक्टर मजिस्ट्रेटों के द्वारा रिजर्व मशीनों से बदल दिया गया था। मतदान की समाप्ति के बाद 14 फरवरी, की देर रात्रि तक 11, 697 मतदान पार्टियों में से 9,385 मतदान पार्टियां 14 फरवरी को ही संग्रह केन्द्रों पर लौट जायेंगी और शेष दूरस्थ क्षेत्र की कुल 2,312 मतदान पार्टियां 15 फरवरी को संग्रह केन्द्रों पर लौटेंगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने कहा कि
मैं सभी राजनैतिक दलों तथा निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की भी बहुत-बहुत आभारी हूं जिन्होंने राज्य की आपसी भाईचारे की परम्परा को कायम रखते हुए शांतिपूर्ण निर्वाचन में अपना विशेष योगदान दिया गया। उन्होंने कहा कि मैं उन सबकी आभारी हूं जिन्होंने कोविड 19 के प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए मतदान में प्रतिभाग कर, मतदाता के रूप में अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्य का निर्वहन किया।

पहाड़ से लेकर मैदान तक नजर आया उत्साह
प्रदेश में पांचवी विधानसभा के चयन के लिए एक साथ सभी 70 सीटों में मतदान सम्पन्न हो गया। इस दौरान सुबह से शाम तक लोगों में मतदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। इस बार निर्वाचन आयोग की ओर से उत्तराखंड में एक घंटा मतदान का समय बढ़ाया गया था। इस तरह सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग हुई। कई बूथ पर शाम 6 बजे तक लोग कतार में नजर आए। इस बार कोविड प्रोटोकॉल के चलते बूथ पर मतदाताओं के लिए ग्लब्स, मास्क और सेनेटाइजर की प्रोपर व्यवस्था की गई थी। पहाड़ से लेकर मैदान तक हर जगह मतदान को लेकर लोगों में उत्साह दिखा। अधिकतर सीटों पर भाजपा और कांग्रेस में सीधी टक्कर देखी जा रही है। जबकि आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और उत्तराखंड क्रांति दल कुछ सीटों पर ही त्रिकोणीय मुकाबला बनाते हुए नजर आ रहे हैं। ऐसे में कम मतदान सत्ताधारी और विपक्षी दलों के लिए नई टेंशन दे गया है। मतगणना 10 मार्च को होनी है। ऐसे में अब प्रत्याशियों और सियासी दलों के लिए अपने-अपने दावे के लिए प्रर्याप्त समय मिला है। हालांकि अधिकतर राजनीति के जानकार कम मत प्रतिशत को सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में मतदान को मान रहे है। कम मत प्रतिशत को सत्ता विरोधी लहर भी नहीं माना जाता है। अधिक मत प्रतिशत होने पर ही हमेशा माना जाता है कि चुनाव में सत्ता विरोधी लहर होती है। ऐसे में कम मत प्रतिशत सत्ताधारी पार्टी के लिए थोड़ा राहत देने वाली जरुर मानी जा रही है।

5 बजे तक किस जिले में कितना हुआ मतद
- अल्मोड़ा 50.65
- बागेश्वर 57.83
- चमोली 59.28
- चंपावत 56.97
- देहरादून 52.93
- हरिद्वार 67.58
- नैनीताल 63.12
- पौड़ी गढ़वाल 51.93
- पिथौरागढ़ 57.49
- रुद्रप्रयाग 60.36
- टिहरी गढ़वाल 52.66
- ऊधम सिंह नगर 65.13
- उत्तरकाशी 65.55
- कुल 59.37












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