नकल गिरोह का 12वीं पास मास्टरमाइंड,गणित का गुरुजी बनाने के लिए 16 लाख रुपए में हुआ सौदा,बिहार से आया था सॉल्वर
उत्तराखंड में गणित का सहायक अध्यापक (एलटी) बनाने के लिए एक कैंडिडेट का नकल कराने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड से 16 लाख रुपए में सौदा हुआ था।
इसके लिए बिहार से एक सॉल्वर बुलाया गया जो कि फर्जी एडमिट कार्ड लेकर एग्जाम देने की तैयारी में था। एसटीएफ ने एग्जाम से पहले ही इसका भांडाफोड कर दिया।

गिरोह का मास्टरमाइंड 12वीं पास है। जो कि यूपी के मेरठ में पहले भी वीडीओ पेपर लीक कराने के मामले में जेल जा चुका है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि कुछ समय पहले उत्तराखंड एसटीएफ को सूचना मिली थी कि यूपी के मेरठ का रहने वाला उधम सिंह भर्ती परीक्षा के लिए पैसे देकर पास कराने का गिरोह चलाता है। जो कि सहायक टीचर, एलटी की भर्ती परीक्षा में सॉल्वर की जगह एग्जाम दिलाने के एवज में 16 लाख रुपए में सौदा तय हुआ है।
परीक्षा में गड़बड़ी से पहले धरे गए
उधम पूर्व में भी फर्जी भर्ती कराने के अपराध में अपने साथियों के साथ थाना ब्रह्मपुरी मेरठ उत्तर प्रदेश से जेल जा चुका है। इनपुट के आधार पर एसटीएफ टीमों को हरिद्वार में तैनात कर दिया गया। हरिद्वार मायापुर स्थित परीक्षा केन्द्र एसवीएम इण्टर कॉलेज के बाहर से गिरोह का मास्टरमाइंड/ सरगना उधम सिंह एवं उसके बिहार के रहने वाले साथी अनुपम कुमार, जो कि परीक्षार्थी की जगह बैठकर पेपर सॉल्व करने वाला था,दोनों को इस परीक्षा में गड़बड़ी करने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया।
परीक्षा सॉल्व करने के लिए बिहार से बुलाया
अभियुक्त उधम सिंह ने बताया कि मैंने यूकेएसएसएससी की सहायक टीचर भर्ती परीक्षा(एलटी) परीक्षा में पेपर साल्व कराने के लिये अनुपम कुमार को बिहार से बुलाया था, कुछ रोज पहले उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की LT भर्ती परीक्षा के लिए कुलदीप नाम के कैंडिडेट के संबंध में उसके रिश्तेदार सचिन से बात चल रही थी जिसने मुझे परीक्षा केंद्र सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज हरिद्वार में कुलदीप के बजाय अन्य परीक्षार्थी से परीक्षा दिलवाकर पास करने के लिये 16 लाख रुपए देने का करार हुआ था।
ऐसे तय हुआ सौदा
जिस पर कुलदीप सिंह का प्रवेश पत्र एवं आधार कार्ड प्राप्त कर उसके स्थान पर अपने दोस्त अनुपम कुमार जो पटना बिहार का रहने वाला है, से परीक्षा दिलाने की योजना बनाई जिसके लिये परीक्षा के बाद मैं अनुपम को 04 लाख रूपए देने थे। प्रवेश पत्र पर कुलदीप सिंह की जगह अनुपम का फोटो प्रिन्ट कर प्रवेश पत्र तैयार किया गया ताकि उसको आसानी से अन्दर परीक्षा हॉल में जाने का मौका मिल जाये और परीक्षा को पास करा सके। जिसके एवज में चार लाख रुपए आज ही लेने थे। पेपर के बाद 04 लाख रुपए व चयन होने के बाद 12 लाख रूपए, कुल 16 लाख रू० मिलने थे।
वीडीओ परीक्षा के लिए भी मंगाया था पेपर
अभियुक्त वर्ष 2023 में यूपी में आयोजित होने वाली वीडीओ की परीक्षा के लिए खुद के भाई संदीप के लिए पेपर की व्यवस्था की थी,जो उसे किसी राहुल ने सॉल्व करके मोबाइल पर पहले ही भेज दिया था। राहुल गाजियाबाद उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। मामला पकड़ में आने पर आरोपी को एसटीएफ मेरठ द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उन्हें मेरे फोन से सॉल्व पेपर भी बरामद किया था।












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