UP News: सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को धार देने में जुटी योगी सरकार तो जानिए क्यों भड़का विपक्ष
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अब यूपी में एक बार सांस्कृतिक एजेंडे को धार देने के लिए यूपी में चैत्र नवरात्र के मौके पर हर जिले के मंदिरों में दुर्गाशप्तशति और अखंड रामायाण का पाठ कराने का फैसला लिया है।

Uttar Pradesh government: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार के एक फैसले से एक बार फिर यूपी में सियासत गरम हो गई है। कुछ दिनों पहले ही सपा और बीजेपी के बीच श्रीरामचरित मानस को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर चला था। अभी यह मामला शांत ही हुआ था कि योगी सरकार ने अपने सांस्कृतिक एजेंडे के तहत यूपी के सभी जिलों में नवरात्रि के मौके पर देवी दुर्गा के मंदिरों और शक्तिपीठों में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने का निर्देश जारी किया है जिसको लेकर विपक्ष ने सरकार पर हल्ला बोल दिया है।

अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा
सरकार के इस फैसले को लेकर दअरअसल सपा के मुखिया और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसा है। अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा कि, सपा सरकार के दौरान पुजारियों को मानदेय दिया जाता था और आगंतुकों को कई सुविधाएं मिलती थीं। आज भाजपा सरकार न तो पुजारियों के मानदेय में वृद्धि कर रही है और न ही जनता के लिए सुविधाएं, बस पैसा वसूलने के नए-नए तरीके खोज रही है।"
वहीं इस मामले को लेकर सपा के राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने सरकार पर हल्ला बोल दिया है। कुछ दिनों पहले श्रीरामचरित मानस पर टिप्पणी करने के लिए आलोचनाओं का शिकार होने वाले स्वामी ने एक बार फिर कहा है कि जब लोगों ने अखंड रामायाण का पाठ करना छोड़ दिया है तब सरकार अपने पैसे से रामायण का पाठ जिलों में करवाएगी। इससे साबित हो गया है कि सरकार अंदरखाने पूरी तरह से डर गई है। सरकार ने डर के मारे ये फैसला लिया है।

यूपी सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को भेजा सर्कुलर
दरअसल, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य भर के जिलाधिकारियों को चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान देवी दुर्गा के मंदिरों और शक्तिपीठों में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम तैयार करने का निर्देश दिया है। जिला अधिकारियों को 10 मार्च को जारी सर्कुलर के अनुसार 22 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि के दौरान सभी मंदिरों में अखंड रामायण और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा।

इस आयोजन के लिए सरकार देगी एक लाख रुपये
समारोह आयोजित करने के लिए राज्य सरकार प्रत्येक जिले को 1 लाख रुपये की धनराशि प्रदान करेगी। उत्सव के हिस्से के रूप में, फोटो, भू-स्थान और मंदिरों के पुजारियों का विवरण जहां सरकारी कार्यक्रम आयोजित होने वाले हैं, राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।

जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित होगी समितियां
प्रत्येक जिले में जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया जाएगा, जिन पर उत्सव के दौरान प्रस्तुति देने के लिए कलाकारों को चुनने की जिम्मेदारी होगी। प्रत्येक कलाकार के लिए 1 लाख का पुरस्कार आवंटित किया गया है। साथ ही इन कार्यक्रमों के आयोजन के लिए राज्य स्तर पर दो नोडल अधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है।

केशव ने की सरकार के फैसले की तारीफ
वहीं यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। मौर्य ने कहा है कि सरकार का यह कदम सराहनीय है। यूपी के सभी मंदिरों और सभी जिलों में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने का निर्देश सही कदम है। इसके माध्यम से अगर सरकार अपने राज्य, अपने राष्ट्र और पूरे विश्व के मंगल की कामना माता जगत जननी से करेगी तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।












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