एक दिन पहले ही मुझे कहा गया था आप कल शपथ लेंगे- आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ बोले मुझे एक दिन पहले ही कहा गया था कि आप 19 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
लखनऊ। यूपी चुनाव में जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी को तीन चौथाई बहुमत हासिल हुआ और उसके बाद पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री के चेहरे की तलाश हुई, उसमें कई नाम सामने आए। मीडिया में कई नाम बतौर मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर सामने आए लेकिन किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी योगी आदित्यनाथ के नाम पर मुहर लग चुकी है और सिर्फ उनके नाम का ऐलान होना ही बाकी है।

एक दिन पहले ही मुझे कहा गया था आप कल शपथ लेंगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें 19 मार्च से एक दिन पहले ही यह बताया गया था कि आप प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अमित शाह ने मुझे एक दिन पहले बताया था कि आप 19 मार्च को शपथ लेंगे, उस वक्त मेरे पास सिर्फ दो कपड़े थे, अगर मैं इसके लिए नहीं कहता तो यह समझा जाता है मैं जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा हूं, जिसके बाद मैं लखनऊ पार्टी के विधायकों संग बैठक करने गया।

मै फकीर हूं, भिक्षा पर जीवन वहन करता हूं
आदित्यनाथ ने यह बयान उस वक्त दिया जिस वक्त वह यूपी में तीन दिन तक चलने वाले योगा महोत्सव कार्यक्रम में बोल रहे थे। योगी आदित्यनाथ पांच बार से गोरखपुर से सांसद है, इसके अलावा गोरखधाम मथ के मुख्य पुजारी भी हैं। उन्होंने कहा कि मैं फकीर हूं जो भिक्षा पर जीवन वहन करता हूं, लेकिन प्रदेश के लोगों ने मुझे पूरा प्रदेश ही दे दिया। नोटबंदी के बारे में बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार लोगों के हितों के लिए किसी भी बड़े फैसले को लेने से पीछे नहीं हटेगी। ।

लोगों के हित में बड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हम प्रदेश के 22 करोड़ लोगों के हित में कोई भी बड़ा फैसला लेने से चूकेंगे नहीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने 500 और 1000 के नोट को बंद करने का बड़ा साहसिक फैसला लिया था। योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और शपथ लेने के साथ ही उन्होंने ताबड़तोड़ कई फैसले लिए जिनमें एंटी रोमियो दल का गठन, अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई अहम है।

मुख्यमंत्री बनते ही एक्शन में आए योगी
मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने पहले विधानसभा के कार्यालय का दौरा किया, इसके बाद वह हजरतगंज थाना पहुंचे, फिर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर एसिट अटैक पीड़िता से मुलाकात की, यही नहीं लगातार ताबड़तोड़ दौरों में उन्होंने अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट का भी दौरा किया और यहां हुई फिजूलखर्ची पर रिपोर्ट भी मांगी है। उन्होंने रिवर फ्रंट पर खर्च हुई राशि की समीक्षा के भी आदेश दिए।












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