YEIDA News: Pod Taxi सेवा वाला देश का पहला राज्य बनेगा UP, जानिए क्या है इसकी खासियत
उत्तर प्रदेश पॉड टैक्सी सेवा देने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। यमुना विकास प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह की माने तो 2024 के अंत तक नोएडा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट और फिल्म सिटी के बीच इसकी शुरूआत हो सकती है।

Yamuna Expressway Industrial Development Authority: देश में सबसे पहले पॉड टैक्सी (Pod Taxi) सेवा की शुरूआत उत्तर प्रदेश में होगी। इसकी तैयारी में YEIDA जुटा है। अधिकारियों की माने तो नोएडा फिल्म सिटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच यह सेवा 2024 तक चलाई जाएगी। यह सेवा शुरू होने के बाद नोएडा देश का पहला ऐसा स्थान होगा जहां यह सेवा शुरू होगी। प्राधिकरण पहले ही इस योजना को लेकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे चुका है।
810 करोड़ की लागत से पूरी होगी ये योजना
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने पहले ही सेक्टर 21 में 810 करोड़ रुपये की परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। योजना के अनुसा नोएडा के दो अहम जगहों एयरपोर्ट और फिल्म सिटी के बीच 12 किलोमीटर के मार्ग पर 12 स्टेशन होंगे।
YEID के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुणवीर सिंह ने कहा कि,
हमने YEIDA क्षेत्र में 17 स्टेशन बनाने की योजना बनाई थी। लेकिन बाद में इसे घटाकर 12 कर दिया गया क्योंकि हवाई अड्डे का लेआउट बदल दिया गया है। हमने विमानन हब क्षेत्र का विस्तार करने के लिए हवाई अड्डे के साथ सेक्टर 31 और 32 की औद्योगिक भूमि को जोड़ने की कोशिश है। यह परियोजना अगले साल तक पूरी हो जाएगी
प्रतिदिन 37 हजार यात्री उठाएंगे इसका लाभ
अधिकारियों ने बताया कि पॉड टैक्सी सेवा प्रत्येक स्टेशन पर 20 सेकंड की दरम्यान उपलब्ध होगी। ऐसाी उम्मीद है कि इस सेवा का लाभ लोगों को मिलेगा और प्रतिदिन 37,000 यात्रियों के यात्रा करने की उम्मीद है। इस रूट पर प्रति किमी 8 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। इस रूट पर 12 स्टेशन फिल्म सिटी, रबूपुरा गांव, सेक्टर 34, सेक्टर 28 और 33 के जंक्शन, टॉय पार्क, सेक्टर 29 और 32 के जंक्शन (100 मीटर चौड़ी सड़क पर), अपैरल पार्क, सेक्टर 29, जंक्शन पर होंगे। सेक्टर 29 और 32 (75 मीटर चौड़ी सड़क पर), एमएसएमई पार्क और हस्तशिल्प पार्क होंगे।
पश्चिमी देशों में ज्यादा प्रचलित है पोड टैक्सी सेवा
दरअसल पॉड टैक्सी को पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (पीआरटी) कहा जाता है। यह एक प्रकार की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है जिसमें छोटे, चालक रहित वाहन शामिल होते हैं जो कम संख्या में यात्रियों या सामानों को ले जाने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। ऐसी टैक्सियां पश्चिमी देशों में आम बात हैं। लेकिन यह सेवा अभी तक देश में नहीं शुरू हो पाई है।
यात्रियों के लिए पॉकेट फ्रेंडली होगी ये सेवा
चूंकि पूरा नेटवर्क बिजली से चलेगा इसलिए यह सिस्टम न केवल वाहनों द्वारा पैदा होने वाले प्रदूषण की मात्रा को कम करेगा, बल्कि यह यात्रियों के लिए पॉकेट फ्रेंडली साबित होगा। प्राधिकरण की योजना है कि इस योजना को 2024 के अंत तक पूरा किया जाए। कोशिश है कि नोएडा एयरपोर्ट के पहले चरण के पूरा होने के साथ ही इस सेवा की शुरूआत कर दी जाए। एक बार इस सेवा के शुरू होने के बाद ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी।












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