World Cancer Day: UP के जिला अस्पतालों में जल्द उपलब्ध होगी सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन
World Cancer Day: सरकार की रणनीति के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) भी कैंसर के मामलों की पहचान करने में मदद करेंगे।

World Cancer Day: आज विश्व कैंसर दिवस है। कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिससे लाखों लोग प्रभावित होते हैं। इनमें भी आजकल कई तरह के कैंसर की बीमारियों से लोग आए दिन ग्रसित हो रहे हैं। इनमें से एक सर्वाइकल कैंसर भी है। यूपी सरकार अब इस बीमारी के टीके को जल्द ही उत्तर प्रदेश में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करेगी। इसके लिए प्रत्येक जिले में कम से कम एक जिला स्तरीय अस्पताल में स्तन कैंसर से जूझ रही महिलाओं की जांच के लिए उपकरण की व्यवस्था की जाएगी।
सर्वाइकल कैंसर के टीके को टीकाकरण अभियान में शामिल करने की तैयारी
दरअसल सरकार की रणनीति के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) भी कैंसर के मामलों की पहचान करने में मदद करेंगे। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों (2019-21) के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 1.5% महिलाओं ने सर्वाइकल कैंसर के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट कराया है, जिसमें 1.1% शहरी और 1.7% ग्रामीण महिलाएं शामिल हैं।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश में नियमित टीकाकरण के महाप्रबंधक डॉ मनोज शुक्ला ने कहा,
उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में जल्द ही सर्वाइकल कैंसर के टीके को नियमित टीकाकरण में शामिल करने की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में, आयातित टीका निजी क्षेत्र में उपलब्ध है और इसकी एक खुराक की कीमत 3,500 रुपये तक है। भारत ने भी एक टीका विकसित किया है जो सस्ता है। उसे जिला स्तरीय अपस्तालों में जल्द ही मुहैया कराया जाएगा।
मनोज शुक्ला ने कहा कि डेटा के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर भारत में दूसरे सबसे प्रचलित कैंसर के रूप में है। 9 से 14 वर्ष की आयु के बीच की युवा लड़कियों को जो टीका दिया जाना है, वह इसे रोकने में मदद कर सकता है। फिलहाल अधिकतम 26 वर्ष की आयु तक कैच-अप टीकाकरण की अनुमति प्रदान की गई है।
टाटा ट्रस्ट की तरफ से भी चलाया जा रहा अभियान
सरकार के अलावा दूसरी तरफ इसको लेकर टाटा ट्रस्ट ने भी एक नया अभियान शुरू किया है जिसमें दो जागरूकता फिल्में दिखाई जा रही हैं जो कैंसर का पता चलने पर कैंसर रोगियों और उनके देखभाल करने वालों के अनुभव पर आधारित हैं। टाटा ट्रस्ट के कैंसर केयर प्रोग्राम के मुख्य कार्यकारी डॉ संजीव चोपड़ा ने बताते हैं कि,
यह अभियान चार प्रमुख स्तंभों के बारे में जागरूकता को लेकर चलाया जा रहा है। इस अभियान से भारत में कैंसर के बढ़ते बोझ की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। आज, भारत में कैंसर के मामले 15 लाख दर्ज किए गए हैं, जबकि वास्तविक मामले रिपोर्ट किए गए मामलों की तुलना में 1.5 से 3 गुना अधिक होने का अनुमान है।
संस्थान की निदेशक निर्मला पंत ने बताया कि विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर लखनऊ कैंसर संस्थान और हील फाउंडेशन द्वारा 4 फरवरी को चतुर्भुजी मंदिर, राम नगर रोड, बाराबंकी में नि:शुल्क जांच और जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है। कैंप सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक लगेगा।












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