ओवैसी से हाथ मिलाएंगे आजम खान! AIMIM की चिट्टी में क्या है ? जानिए
लखनऊ, 17 अप्रैल: यूपी चुनाव में हार के बाद समाजवादी पार्टी में जारी घमासान का फायदा उठाने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी सक्रिय हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन ने सपा के दिग्गज मुस्लिम चेहरे और जेल में बंद पूर्व मंत्री आजम खान को अपनी पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया है। चिट्ठी के जरिए ओवैसी की पार्टी ने सपा के अंदर लगी आग को हवा देने की राजनीतिक कोशिश भी की है। पिछले कई दिनों से ऐसी चर्चा है कि आजम खान पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से नाराज हैं और दूसरे राजनीतिक विकल्प तलाश रहे हैं।

ओवैसी की पार्टी ने आजम खान को दिया ऑफर
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन ने रविवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को अपनी पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया है। ओवैसी की पार्टी ने यह राजनीतिक दांव तब खेला है, जब आजम के खासमखास माने जाने वाले उनके मीडिया सलाहकार ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आजम को नजरअंदाज करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने ओवैसी की पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मोहम्मद फरहान की ओर से आजम को भेजी गई चिट्टी का हवाला दिया है, जिसमें लिखा है, 'आपसे अनुरोध है कि एआईएमआईएम ज्वाइन कर लें, ताकि बीजेपी और एसपी का उत्तर प्रदेश से सफाया किया जा सके।'

ओवैसी भड़काएंगे सपा के अंदर की आग ?
ओवैसी की पार्टी की ओर से जेल में बंद बुजुर्ग सपा नेता और पार्टी के प्रमुख मुस्लिम चेहरे आजम को चिट्ठी के जरिए कहा है, 'जब आप मेदांता अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे थे, तब पूरा राष्ट्र आपकी सेहत को लेकर फिक्रमंद था और दुआ कर रहा था। आपके सुरक्षित सीतापुर जेल में लौटने के बाद, अखिलेश यादव ने आपसे मिलना जरूरी नहीं समझा।' एआईएमआईएम ने दावा किया है कि न तो अखिलेश यादव को और ना ही उनकी पार्टी को इस बात का 'जरा भी दुख' है की उनका नेता जेल में है।

ओवैसी ने आजम को बड़ा भाई माना है- एआईएमआईएम
ओवैसी की पार्टी ने समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव पर जोरदार हमला करते हुए उनपर आरोप लगाया है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में आजम खान की तस्वीर लगाकर उन्होंने मुसलमानों के वोट तो ले लिए, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ सहयोगी को विधानसभा में विपक्ष का नेता नहीं बनाया। फरहान ने कहा है कि इसके उलट ओवैसी ने खान के साथ हुए सभी 'जुल्मों' के खिलाफ आवाज उठाई है और उन्होंने अपना बड़ा भाई माना है।

आजम पर सवाल से कन्नी काट चुके हैं अखिलेश
दरअसल, जब से आजम खान के मीडिया इंचार्ज फसाहत अली खान ने अखिलेश यादव पर अपने नेता को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है, उनके सपा नेतृत्व से खफा होने की अटकलें लग रही हैं। उन्होंने रामपुर में कुछ दिन पहले पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच कहा था, 'अखिलेश यादव सिर्फ एक बार आजम खान से जेल में मिले हैं और पार्टी ने पिछले ढाई वर्षों में उन्हें जेल से निकालने की कोई कोशिश नहीं की है।' उन्होंने यहां तक आरोप लगाया था कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने सही ही कहा था कि अखिलेश नहीं चाहते कि आजम जेल से बाहर आएं। हाल ही में मैनपुरी में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव से यह सवाल कई बार पूछा गया, लेकिन उन्होंने इससे कन्नी काट लिया था।

सपा के सबसे बड़े मुस्लिम चेहरे हैं आजम
आजम खान इस दौरान कई गंभीर आरोपों में यूपी की सीतापुर जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ लगे आरोपों में जमीन हड़पने सहित कई तरह के मामले हैं। उन्होंने इस बार विधानसभा चुनाव में रामपुर सदर की सीट से जेल में रहकर ही चुनाव लड़ा है और जीत गए हैं। आजम खान सपा के उन नेताओं में से रहे हैं, जो सपा की सरकार के दौरान प्रदेश में मुख्यमंत्री के बाद सबसे ज्यादा दबदबा रखते थे। ऐसे में उन्होंने अगर बगावत का ऐलान किया तो अखिलेश की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।












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