'राज्यपाल हाजिर हों...', कौन हैं बदायूं के SDM, जिन्हें आनंदीबेन पटेल को समन जारी करने के लिए किया गया सस्पेंड
Badaun SDM Summons Anandiben Patel: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एसडीएम सदर ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नाम से समन जारी कर उन्हें कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था। इस आदेश की प्रति सामने आते ही ये मामला तूल पकड़ता गया। भूमि विवाद के एक केस में एसडीएम ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को समन भेज दिया था।
जिसके बाद राज्यपाल के विशेष सचिव ने डीएम को पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी। अब इस मामले में कार्रवाई करते हुए शासन ने एसडीएम (न्यायिक) विनीत कुमार और कोर्ट पेशकार बदन सिंह को सस्पेंड कर दिया है।

अधिकारिक बयान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में भूमि अधिग्रहण मामले में राज्यपाल को तलब करने पर एक उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (न्यायिक) को निलंबित कर दिया गया। एसडीएम की पहचान बदायूं के विनीत कुमार के रूप में की गई, जिन्हें यूपी सरकार ने उनकी "घोर लापरवाही" के लिए निलंबित कर दिया है।
आइए जानें क्या है ये पूरा मामला?
ये पूरा मामला 19 अक्टूबर का है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव लोड़ा बहेड़ी निवासी चंद्रहास ने साल 2019 में एसडीएम बदायूं कोर्ट में एक वाद दायर किया था। जिसके कस्बा निवासी लेखराज, पीडब्ल्यूडी और राज्यपाल को पक्षकार बनाया गया था।
वाद दायर करने वाले बहेड़ी निवासी चंद्रहास ने आरोप लगाया था कि उसकी बुआ कटोरी देवी की मौत हो गई है..। मौत से सालों पहले वो हमारे यहां रहती थी। इसलिए उनकी सपंत्ति और जमीन पर अब हमारा हक बनता है। चंद्रहास ने बताया था कि बुआ की बहन के बेटे चंद्रपाल गलत तरीके से वारिस दिखाकर तीन बीघा जमीन लेखराज को 2003 में बेच दी थी।
2020 में इसी जमीन का कुछ हिस्सा शासन ने फोर लेन मार्ग के लिए लिया, जिसका मुआवजा 19 लाख रुपये लेखराज को दिया गया था। जिसके बाद चंद्रहास ने एसडीएम कोर्ट में दायर वाद में लेखराज और राज्यपाल को पक्षकार बनाया था। इसी पर एसडीएम कोर्ट में राजस्व संहिता की धारा 144 का नोटिस जारी कर, राज्यपाल और लेखराज को पेश होने का समन जारी किया गया था।
एसडीएम कोर्ट से यह समन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को 10 अक्टूबर 2023 को जारी किया गया। अपना पक्ष रखने के लिए 18 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी। ये समन जैसे ही राजभवन पहुंचा तो हड़कंप मच गया।
राज्यपाल के सचिव ने जिलाधिकारी को लिखा पत्र
इसके बाद राज्यपाल के सचिव सचिव बद्रीनाथ सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा था। इस पत्र में लिखा गया था कि संविधान के अनुच्छेद 361 के अनुसार संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के खिलाफ कोई समन या नोटिस जारी नहीं किया जा सकता है।
जिसके बाद डीएम से इस मामले में हस्तक्षेप कर नियमानुसार पक्ष रखने और नोटिस जारी करने वाले के संबंध में कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे। जिसके बाद एसडीएम (न्यायिक) विनीत कुमार और कोर्ट पेशकार बदन सिंह को निलंबित कर दिया गया है।












Click it and Unblock the Notifications