PICs: SC में फैसले से पहले मुस्लिमों ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मांगी दुआ
मुसलमानों ने अल्हा के रहमत में हाथ उठाकर मंदिर निर्माण के साथ ही अमन चैन और आपसी भाई चारे के लिए सजदा किया।
वाराणसी। 7 साल से सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या राम मंदिर की अटकी हुई सुनवाई पर बनारस के मुसलमानों में उत्साह देखने को मिला है। पीएम के शहर में मुसलमानों ने मकबूल आलम रोड पर मस्जिद में दुआ कर गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की। इस दुआखानी में मुसलमानों ने अल्हा के रहमत में हाथ उठाकर मंदिर निर्माण के साथ ही अमन चैन और आपसी भाई चारे के लिए सजदा किया। वहीं 28 साल पहले शुरू हुए इन विवाद के अब आखिर चौखट पर पहुंचने के बाद बनारस में हिंदुओं ने भी हवन पूजन कर मामले के जल्द से निस्तारण के लिए भगवान से प्रार्थना की। बता दें कि इस ऐतिहासिक मुकदमे में कई पहलू हैं। मौखिक और दस्तावेज सबूतों से आस्था और जमीन पर मालिकाना हक तय होना है।

28 साल की सुनवाई के बाद 7 साल तक सुप्रीम कोर्ट में रुकी हुई थी सुनवाई
28 साल सुनवाई के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दो एक के बहुमत से 30 दिसंबर 2010 को जमीन को तीन बराबर हिस्सों यानी रामलला के विराजमान को एक हिस्सा, निर्मोही अखाड़ा को दूसरा हिस्सा और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को तीसरा हिस्सा बांटने का फैसला सुनाया था। लेकिन हाई कोर्ट का फैसला किसी पक्षकार को मंजूर नहीं हुआ और सभी 13 पक्षकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। जिसके बाद माननीय न्यायालय ने मई 2011 को अपीलों को विचारार्थ स्वीकार करते हुए मामले पर यथास्तिथि बनाए रखने का आदेश दिया हुआ था।


अब जबकि 7 साल के बाद इस मामले में सुनवाई शुरू होने की तिथि 5 दिसंबर 2017 को मुकर्रर की गई तो अब मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, अशोक भूषण और अब्दुल नजीर की पीठ इस पर नियमित सुनवाई शुरू कर इंसानी अदालत में भगवान का फैसला सुनाएगी।












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