वाराणसी पुल हादसा: घायलों से मिले CM योगी, अधिकारी बोले- कुछ गलती नहीं हुई
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जिस तरह से निर्माणाधीन ओवरब्रिज गिर गया, उसमे 19 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग इस हादसे में घायल हो गए हैं। घायलों से मिलने के लिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बनारस हिंदू युनिवर्सिटी ट्रामा सेंटर पहुंचे और उनका हालचाल लिया। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ने घायलों से मुलाकात की है तो दूसरी तरफ अधिकारी इस हादसे से पल्ला झाड़ने में जुट गए हैं। अधिकारी ने हादसे के बाद कहा है कि कुछ गलती नहीं हुई है।

घटना के बाद के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉफ्रेंस करके कहा कि मैं व्यक्तिगत तौर पर इस मामले पर नजर बनाए हुए हूं, मैंने उपमुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों को इस मामले पर व्यक्तिगत तौर पर नजर रखने को कहा है, साथ ही राहत और बचाव कार्य की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया है जोकि अपनी रिपोर्ट 48 घंटों के भीतर देगी। घायलों को इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी, साथ ही शुरुआती जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उनके खिलाफ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कार्रवाई की है।
वहीं इस हादसे के बाद योगी सरकार ने इस मामले में लापरवाही के चलते चीफ प्रॉजेक्ट मैनेजर एच.सी. तिवारी, प्रॉजेक्ट मैनेजर के.आर. सूडान, इंजिनियर राजेश सिंह और इंजिनियर लाल चंद को निलंबित किया गया। साथ ही मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसके सदस्य राज प्रताप सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया। मौके से तमाम गाड़ियों को हटा लिया गया है, जो पुल के गिरने की वजह से इसके नीचे दब गई थीं।
वहीं जानकारी के अनुसार हादसे के पीछे की बड़ी वजह सामने आई है। 7741.47 करोड़ की लागत से बन रहे इस फ्लाईओवर के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग किए जाने के आरोप लगे हैं। इस फ्लाईओवर का निर्माण अक्टूबर 2018 तक पूरा किया जाना था लेकिन इससे पहले ही इसने कई जिंदगियों को लील लिया।












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