वनइंडिया Exclusive: यूपी में कोरोना की दूसरी लहर से जुड़े हर मुश्किल सवाल का ब्रजेश पाठक ने दिया जवाब
लखनऊ, 09 जून। उत्तर प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई। दूसरी लहर के दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था ने दम तोड़ दिया था, लोग अस्पताल में बेड, जरूरी दवाओं और ऑक्सीजन की भारी किल्लत से जूझ रहे थे। हालांकि अब हालात सामान्य हो रहे हैं और कोरोना संक्रमण के नए मामलों में काफी गिरावट देखने को मिली है। जिसके चलते प्रदेश सरकार ने मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों में लॉकडाउन को खत्म करने का ऐलान किया। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब लोग मुश्किल दौर से गुजर रहे थे तो उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक ने ना सिर्फ स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर कमियों को दूर करने को कहा बल्कि खुद भी मैदान में कमान संभाली और जरूरतमंद लोगों को आवश्यक दवाएं घर-घर मुहैया कराई। कोरोना की दूसरी लहर में जिस तह से प्रदेश ने किल्लत को झेला और सरकार की ओर से लोगों की मुश्किलों को कम करने के लिए क्या कोशिश की गई इसको लेकर वनइंडिया ने ब्रजेश पाठक से एक्सक्लुसिव बात की।

वनइंडिया के सवालों का खुलकर दिया जवाब
वनइंडिया से बात करते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हर संभव लोगों को मदद पहुंचाने की कोशिश की गई। अब हालात सामान्य हो गए हैं और प्रदेश में अस्पतालों में बेड,जरूरी दवाएं और पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध है। वहीं जिस तरह से कोरोना काल में पंचायत चुनाव कराए गए उसको लेकर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कई प्रदेशों में उस वक्त चुनाव हो रहे थे, ऐसे में सिर्फ उत्तर प्रदेश पर यह आरोप लगाना कि सिर्फ यहां चुनाव हो रहे थे यह विपक्ष के निराधार आरोप हैं। हालांकि जब योगी सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार के सवाल को ब्रजेश पाठक ने यह कहकर टाल दिया कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
कौन हैं ब्रजेश पाठक
बता दें कि ब्रजेश पाठक की गिनती उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता के तौर पर होती है। भाजपा में आने से पहले उन्हें बसपा के शीर्ष दो नेताओं में गिना जाता था। पाठक 2006 से 2016 के बीच बसपा में रहे, इस दौरान वह बसपा के टिकट से सांसद भी चुने गए थे। लेकिन 2016 में अमित शाह की उपस्थिति में वह भाजपा में शामिल हो गए और 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में ब्रजेश पाठक ने लखनऊ सेंट्रल से सपा के वरिष्ठ नेता रविदास मेहरोत्रा को 5094 वोट से मात दी थी। जिसके बाद उन्हें प्रदेश सरकार में कानून एवं न्याय मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया।












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