UP Supplementary Budget 2025-2026: सदन में 24 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, क्या-क्या खास?-पूरी LIST
UP Supplementary Budget 2025-2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 22 दिसंबर 2025 को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का पहला अनुपूरक (पूरक) बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में यह बजट प्रस्तुत किया, जिसका कुल आकार 24,496.98 करोड़ रुपये है। यह मूल बजट (8 लाख 8 हजार करोड़ रुपये) का लगभग 3.03% है।
इस अनुपूरक बजट का मुख्य उद्देश्य मौजूदा योजनाओं में अपर्याप्त प्रावधानों को पूरा करना, नई आवश्यकताओं को पूरा करना और विकास कार्यों को बिना रुकावट के आगे बढ़ाना है। इसमें राजस्व व्यय के लिए 18,369.30 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय के लिए 6,127.68 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

UP Anupurak Budget: प्रमुख क्षेत्रों में आवंटन-
अनुपूरक बजट में विकासपरक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। कुछ प्रमुख आवंटन इस प्रकार हैं:
| क्रमांक | क्षेत्र | आवंटित राशि (करोड़ रुपये में) | डिटेल |
|---|---|---|---|
| 1 | औद्योगिक विकास | 4,874 | निवेश और उद्योगों को बढ़ावा |
| 2 | ऊर्जा क्षेत्र | 4,521 | बिजली उत्पादन और वितरण |
| 3 | स्वास्थ्य | 3,500 | चिकित्सा सुविधाएं और योजनाएं |
| 4 | नगर विकास | 1,758.56 | शहरी बुनियादी ढांचा |
| 5 | तकनीकी शिक्षा | 639.96 | पॉलिटेक्निक और स्किल डेवलपमेंट |
| 6 | महिला एवं बाल विकास | 535 | कल्याणकारी योजनाएं |
| 7 | नेडा (NEDA) | 500 | ऊर्जा संरक्षण |
| 8 | मेडिकल शिक्षा | 423 | मेडिकल कॉलेज और प्रशिक्षण |
| 9 | गन्ना एवं चीनी मिल | 400 | किसानों को सहायता |
ये प्रावधान विभिन्न विभागों की अतिरिक्त मांगों को पूरा करने के लिए हैं, जिसमें कृषि, सिंचाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं।
यहां से करें डाउनलोड-
वित्तीय स्थिति और महत्व
उत्तर प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) वर्तमान में 31 लाख करोड़ रुपये से अधिक अनुमानित है। राज्य राजस्व सरप्लस वाला बना हुआ है, जो मजबूत वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है। अनुपूरक बजट मौजूदा बजट में अपर्याप्त राशि को पूरा करने और विकास योजनाओं को गति देने के लिए लाया गया है।
What Is Anupurak Budget: अनुपूरक बजट क्या है?
अनुपूरक बजट एक वित्तीय दस्तावेज है, जो मुख्य बजट के बाद (आमतौर पर साल के मध्य में) पेश किया जाता है। जब सरकार को पहले से पारित बजट से अधिक खर्च की जरूरत पड़ती है- जैसे नई योजनाएं, आपात स्थिति या विकास कार्यों में वृद्धि- तो यह बजट सदन से मंजूरी लेकर लागू होता है। यह सुनिश्चित करता है कि महत्वपूर्ण योजनाएं रुकावट से प्रभावित न हों।
यह बजट विधानसभा में उत्तर प्रदेश लोक वित्त एवं वित्तीय उत्तरदायित्व प्रबंधन अधिनियम 2004 की धारा 65 के तहत पेश किया गया। विपक्ष ने इसे संवैधानिक बताया, लेकिन परिस्थितियों पर सवाल उठाए। सरकार ने इसे विकास को गति देने का कदम करार दिया। यह अनुपूरक बजट उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मजबूती प्रदान करेगा।
Download











Click it and Unblock the Notifications