UP Viral Girl: कौन है बुलोडजर एक्शन के बीच 'किताबें सहेजने' वाली वायरल बच्ची ?
UP Viral Girl: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा जो हर किसी के भी मन को विचलित कर देगा। इस वीडियो में एक छोटी सी बच्ची को टूटे घरों के बीच में अपनी किताबें बचाते हुए देखा जा रहा है सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही है।
मंगलवार, 3 फरवरी को सुप्रिम कोर्ट ने इस मामले पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि, "एक वायरल वीडियो में एक छोटी बच्ची को ध्वस्त किए गए घर के बाहर देखा जा सकता है। हर कोई इस तरह के दृश्यों से बहुत परेशान है।"

आईए जानते हैं कौन है किताबों को बचाती ये वायरल लड़की जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से सर्कुलेट हो रहा। इस पर राजनीति भी तेज हो गई है।
UP Viral Girl: बुलडोजर एक्शन के बीच किताबें बचाने की जिद्द
उत्तर प्रदेश के अरई इलाके की आठ वर्षीय अनन्या यादव ने कभी नहीं सोचा था कि एक पल की निराशा उसे दृढ़ता और साहस की मिसाल बना देगा। कुछ दिनों पहले तक वह एक साधारण छात्रा थी, जो अपने सपनों को अपने घिसे हुए स्कूल बैग की पट्टियों की तरह मजबूती से पकड़े हुए थी। लेकिन 21 मार्च को उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई।
उस सुबह जब अनन्या स्कूल से लौटी, तो उसने अपना बैग अपने घर के बाहर छप्पर में रख दिया। लेकिन उसे यह अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में उसकी दुनिया उजड़ने वाली थी। प्रशासन ने अचानक अतिक्रमण हटाने की घोषणा कर दी। कानूनी लड़ाई अभी चल रही थी, लेकिन प्रशासन ने बुलडोजरों को इंतजार करने का आदेश नहीं दिया। देखते ही देखते बस्ती में अराजकता फैल गई।
अधिकारियों से गुहार लगाते हुए अनन्या के पिता अभिषेक यादव और उसके दादा राम मिलन यादव की आवाज़ें प्रशासन की बेरुखी में खो गईं। बुलडोजर का शोर, टूटते घरों की आवाज़ और बच्चों की चीख-पुकार माहौल को भयावह बना रही थी। तभी अचानक अनन्या की नजर अपने छप्पर की ओर गई, जहां से नारंगी लपटें उठ रही थीं।
UP Viral Girl News: बचपन की बहादुरी, आईएएस बनने का सपना
आग की लपटें बढ़ रही थीं और अनन्या का दिमाग सिर्फ़ एक चीज़ सोच रहा था - उसकी किताबें! बिना कुछ सोचे-समझे, वह अपनी माँ की पकड़ से छूटकर जलते हुए छप्पर की ओर भागी। धुएं के बीच से गुजरते हुए उसने जल्दी से अपना बैग उठाया और तेजी से बाहर निकल आई। यह पूरा दृश्य एक राहगीर ने अपने कैमरे में कैद कर लिया।
यह वीडियो जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें एक छोटी बच्ची को नंगे पाँव अपने गुलाबी बैग को पीठ पर लटकाए दौड़ते हुए देखा गया - यह केवल एक बच्ची की दौड़ नहीं थी, बल्कि यह एक पूरे वर्ग की असुरक्षा और संघर्ष का प्रतीक बन गई।
अनन्या ने कहा, "मुझे बस अपनी किताबों की फिक्र थी। मेरे टीचर ने कहा है कि अगर मुझे आईएएस अधिकारी बनना है तो मेरी किताबें ही मेरी ताकत हैं। मैं आईएएस अधिकारी बनूंगी ताकि कोई निर्दोष प्रशासनिक अन्याय का शिकार न हो।" वीडियो वायरल होने के बाद कई नेता अनन्या के घर पहुंचने लगे। उसके पिता ने कहा, "बहुत सारे नेता आ रहे हैं। कुछ समझ में नहीं आ रहा है।" लेकिन अनन्या के लिए यह सब मायने नहीं रखता, क्योंकि उसकी दुनिया उसकी किताबों में बसती है।
UP Viral Girl News: सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
अनन्या को अंदाजा भी नहीं था कि उसकी किताबों को बचाने के लिए उठाया गया यह कदम देश की सर्वोच्च अदालत का ध्यान आकर्षित कर लेगा। मंगलवार को हुई सुनवाई में जस्टिस एएस ओका और उज्जल भुयान की पीठ ने इस वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि यह "सभी को चौंका देने वाला" है।
न्यायमूर्ति भुयान ने कहा, "हाल ही में एक वीडियो सामने आया है जिसमें बुलडोजर से झोपड़ियाँ गिराई जा रही हैं और एक बच्ची अपनी किताबें बचाने के लिए भाग रही है। यह दृश्य बेहद भावुक करने वाला है।"












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