UP Vidhan Sabha Winter Session: 'बुलडोजर चलने पर चिल्लाना मत, फातिहा पढ़ने लायक भी नहीं छोड़ेंगे'
UP Vidhan Sabha Winter Session 2025: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडीन कफ सिरप घोटाले और 'वंदे मातरम् ' के मुद्दे पर विपक्ष को जमकर घेरा। सदन में गरमागरम बहस के दौरान योगी ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि घोटाले के आरोपियों के तार सपा से जुड़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अपराधियों पर इतनी सख्त कार्रवाई होगी कि 'फातिहा पढ़ने के लायक भी नहीं छोड़ेंगे'।
साथ ही, 'वंदे मातरम् ' की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा करते हुए कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति शुरू करने का आरोप लगाया। इस सत्र में सपा विधायकों का हंगामा और वॉकआउट भी देखने को मिला।

UP Vidhan Sabha Winter Session 2025: सत्र की शुरुआत और मुख्य मुद्दे
उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर से शुरू हुआ, जो 24 दिसंबर तक चलेगा। सत्र के दूसरे दिन (20 दिसंबर) कोडीन सिरप रैकेट पर बहस छिड़ी, जिसमें विपक्ष ने सरकार पर मौतों का आरोप लगाया। सीएम योगी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यूपी में कोडीन सिरप (Codeine Syrup) से कोई मौत नहीं हुई- यह मामला अवैध सप्लाई और दुरुपयोग का है। उन्होंने सदन में फोटोज और दस्तावेज दिखाकर दावा किया कि मुख्य आरोपी सपा से जुड़े हैं।
योगी ने बताया कि कोडीन फॉस्फेट NDPS एक्ट के तहत नियंत्रित दवा है, और इसका दुरुपयोग मद्य निषेध वाले राज्यों में हो रहा है। यूपी से लखनऊ, वाराणसी और कानपुर जैसे जिलों से यह सिरप उन इलाकों में पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने इसे 'संगठित अवैध सप्लाई चेन' करार दिया। सरकार ने अब तक 1,000 से ज्यादा सैंपल लेकर कार्रवाई की है।
Yogi Adityanath Hits Back Codeine Syrup Scam: कोडीन सिरप घोटाले पर योगी का पलटवार, सपा पर सीधे आरोप
सीएम योगी ने सपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 2016 में सपा सरकार ने घोटाले के बड़े होलसेलरों को लाइसेंस दिए थे। उन्होंने मुख्य आरोपी अमित यादव की फोटो दिखाकर पूछा, ' क्या यह वाराणसी कैंट से सपा का प्रत्याशी नहीं था?' योगी ने दावा किया कि आरोपी शुभम जायसवाल के पैसों से अमित यादव ने 2024 में दुबई की यात्रा की। अन्य नाम जैसे मनोज यादव, राजीव यादव और मुकेश यादव का जिक्र करते हुए कहा कि ये फर्जी फर्मों से अवैध कारोबार चला रहे हैं।
उन्होंने 'आलोक सिपाही है पक्का सपाई' का तंज कसते हुए बताया कि आलोक को सरकार ने बर्खास्त किया, और उसकी तस्वीरें अखिलेश यादव के साथ हैं। योगी ने लोहिया वाहिनी के एक सदस्य के बैंक खाते से लेन-देन का जिक्र किया और कहा कि एसटीएफ जांच कर रही है।
कार्रवाई के आंकड़े पेश करते हुए योगी ने कहा:-
- 79 मुकदमे दर्ज
- 225 अभियुक्त नामजद
- 78 गिरफ्तारियां
- 134 फर्मों पर छापेमारी
उन्होंने चेतावनी दी: ' कोई अपराधी बचेगा नहीं। जब बुलडोजर एक्शन होगा, तब चिल्लाना मत। फातिहा पढ़ने के लायक भी नहीं छोड़ेंगे।' यह बयान सदन में तालियों से गूंज उठा, लेकिन विपक्ष ने हंगामा किया।
'दो नमूने' वाले बयान पर हंगामा
बहस के दौरान योगी ने विपक्षी नेता अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा: ' देश में दो नमूने हैं- एक दिल्ली में, दूसरा लखनऊ में। जब राष्ट्रीय चर्चा होती है, तो ये देश छोड़कर भाग जाते हैं। आपके बबुआ भी इंग्लैंड घूम आएंगे, आप यहां चिल्लाते रहेंगे।' इस पर सपा विधायकों ने जोरदार हंगामा किया और वॉकआउट कर लिया। स्पीकर सतीश महाना ने कहा कि सीएम ने नाम नहीं लिया, लेकिन विपक्ष ने इसे अखिलेश और राहुल गांधी पर हमला बताया।
योगी ने नेता प्रतिपक्ष पर तंज कसा: ' उम्र के चौथे पड़ाव में व्यक्ति सच बोलता है, लेकिन सपा उनसे झूठ बुलवा रही है। पढ़ाई-लिखाई से आपका कोई वास्ता नहीं, इसलिए ऐसी बातें करते हैं।' उन्होंने विपक्ष से कहा: ' आप चिल्लाते रहे, हम सुनते रहे। अब हमारी बात सुन लें।'
'Vande Mataram' 150th Anniversary: कांग्रेस पर तुष्टीकरण का आरोप
सत्र में 'वंदे मातरम् ' की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा हुई। योगी ने कहा कि 1894 में गुरु रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे स्वर दिया था। यह गीत सिर्फ एक रचना नहीं, बल्कि क्रांतिकारियों का मंत्र और राष्ट्रीय कर्तव्य का प्रतीक है। उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद की निराशा को तोड़ने में इसके योगदान का जिक्र किया।
योगी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि 1937 में लखनऊ से मोहम्मद अली जिन्ना ने 'वंदे मातरम् ' के खिलाफ नारा दिया। पंडित नेहरू ने सुभाष चंद्र बोस को पत्र लिखकर मुस्लिम समाज की असहजता बताई, और कांग्रेस ने गीत के अंश हटा दिए। उन्होंने इसे 'तुष्टीकरण की पहली आधिकारिक मिसाल' बताया और कहा कि जो आज भी इसका बहिष्कार करते हैं, उन्हें माफी मांगनी चाहिए। योगी ने जोड़ा कि इतिहास तथ्य नहीं, चेतावनी है- नई पीढ़ी को सच जानना चाहिए।
Akhilesh Yadav का पलटवार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी के बयानों को 'बीजेपी की आंतरिक कलह' का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार कोडीन सिरप रैकेट पर पर्दा डाल रही है, और 'वंदे मातरम् ' के पीछे छिप रही है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि घोटाला हजारों करोड़ का है, और सरकार ने कार्रवाई में देरी की। उन्होंने 'दो नमूने' वाले बयान को असंवैधानिक करार दिया।
राजनीतिक निहितार्थ
यह सत्र 2027 चुनावों से पहले सियासी तापमान बढ़ा रहा है। योगी की 'बुलडोजर नीति' और कानून-व्यवस्था पर फोकस बीजेपी की रणनीति का हिस्सा है, जबकि सपा इसे जातीय आधार पर हमला बता रही है। सत्र में अनुपूरक बजट भी पेश किया गया, लेकिन कोडीन और वंदे मातरम् जैसे मुद्दों ने सुर्खियां बटोरीं।
यह घटनाक्रम यूपी की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है, जहां विकास और इतिहास के मुद्दों पर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। सदन में मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।












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