UP politics: बहुजन एकता पर हमलावर राजनीति, मायावती ने चंद्रशेखर आजाद को बताया 'बरसाती मेंढक'
UP politics: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें और उनके जैसे अन्य दलों को 'बरसाती मेंढक' बताया। चंद्रशेखर आजाद द्वारा बसपा में आकाश आनंद के वापसी के बाद बयान दिया गया था।
बताया जा रहा है कि चंद्रशेखर आजाद की इस बयान का पलटवार करते हुए मायावती द्वारा आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के ऊपर हमला बोला गया है। हालांकि इस दौरान मायावती ने चंद्रशेखर आजाद का नाम बगैर इशारों में ही कटाक्ष किया है।

मायावती ने कहा कि जो लोग स्वार्थ की राजनीति करते हैं और बड़ी पार्टियों के इशारों पर चलते हैं, वो समाज का भला नहीं कर सकते, चाहे वे विधायक बनें या सांसद। उन्होंने यह भी साफ किया कि बसपा अवसरवादी तत्वों से दूर रहती है और उन्हें पार्टी में कोई जगह नहीं दी जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए चंद्रशेखर पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को समाज पहचान चुका है। उनका मकसद बहुजन समाज को तोड़ना है, जबकि बसपा का उद्देश्य इसे संगठित और सशक्त बनाना है।
आकाश आनंद की वापसी से कुछ लोगों में बेचैनी
बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी हित में कई बार फैसले लिए जाते हैं, जिनमें लोगों को निकालना और पश्चाताप के बाद उन्हें दोबारा मौका देना भी शामिल है। आकाश आनंद की वापसी को भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।
उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को दोबारा जिम्मेदारी देने से कुछ लोगों में बेचैनी है, जो स्वाभाविक है। लेकिन पार्टी को भरोसा है कि आकाश अब पूरी निष्ठा से पार्टी की विचारधारा और बहुजन आंदोलन को आगे ले जाएंगे।
बहुजन हित के लिए प्रतिबद्ध है बसपा
मायावती ने कहा कि देश में यदि कोई पार्टी वास्तव में बाबा साहब अंबेडकर और कांशीराम के मिशन को लेकर चल रही है, तो वह सिर्फ बसपा है। इतिहास गवाह है कि पार्टी ने हमेशा विचारधारा को प्राथमिकता दी है, न कि व्यक्ति विशेष को। कहा कि बहुजन हित में पार्टी द्वारा लिया गया हर निर्णय सामाजिक न्याय और आत्म-सम्मान की भावना को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम होता है।
चंद्रशेखर आजाद ने रविवार को आकाश आनंद की वापसी पर तंज कसते हुए कहा था कि जनता उन्हें नकार चुकी है और बसपा के पास कोई विकल्प नहीं है। इसके जवाब में मायावती ने कहा कि इस तरह के आरोप सिर्फ भ्रम फैलाने के लिए हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे संगठन और नेता जो कभी भाजपा, कभी कांग्रेस और कभी सपा के साथ खड़े होते हैं, वे बहुजन समाज का वास्तविक प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते। उनके अनुसार, ऐसे नेताओं का मकसद सिर्फ निजी लाभ लेना होता है।
हमारे मिशन को कोई कमजोर नहीं कर सकता
मायावती ने यह भी कहा कि बहुजन समाज के आत्म-सम्मान और अधिकारों के लिए शुरू किया गया यह आंदोलन कभी किसी व्यक्ति विशेष पर निर्भर नहीं रहा। पार्टी में आकाश आनंद को दोबारा जिम्मेदारी देने का फैसला संगठनात्मक स्तर पर लिया गया है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पार्टी के मिशन को मजबूत करने में जुटे रहें। साथ ही ऐसे स्वार्थी नेताओं से सावधान रहें जो मिशन के नाम पर समाज को गुमराह कर रहे हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा था कि मायावती का वे सम्मान करते हैं, लेकिन अब अंबेडकर और कांशीराम का मिशन उनकी पार्टी पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि बसपा में अब विचारधारा से ज़्यादा परिवारवाद और मजबूरी हावी हो चुकी है।












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