UP Nikay Chunav: पहले चरण के प्रचार का शोर थमा, सभी दलों ने झोंकी ताकत, 4 मई को डाले जाएंगे वोट
UP Nikay Chunav के पहले चरण का प्रचार दो मई को समाप्त हो गया। गुरुवार को आठ मंडलों के जिलों में वोट डाले जाएंगे। अंतिम दिन पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ से प्रचार में पूरी ताकत झोंकी गई।

UP Nikay Chunav 2023: उत्तर प्रदेश में पहले चरण के तहत 4 मई को 9 मंडलों के 37 जिलों में मतदान होगा। इस चरण में जिन मंडलों में वोटिंग होगी उसमें सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा, झांसी, प्रयागराज, लखनऊ, देवीपाटन, गोरखपुर, वाराणसी शामिल हैं। इन मंडलों में दो मई को यानी मंगलवार को चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। पहले चरण में मेयर की दस सीटें हैं जिनपर वोट डाले जाएंगे। बीजेपी इस चुनाव को 2024 का सेमीफाइनल मानकर चल रही है तो दूसरे दल भी इस चुनाव को अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर देख रहे हैं।
सपा-बीजेपी में दिखेगा दिलचस्प मुकाबला
पहले चरण के चुनाव प्रचार के अंतिम दिन जहां सीएम योगी ने प्रयागराज समेत कई जिलों में जनसभाओं को संबोधित किया वहीं दूसरी ओर पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने सहारनपुर में रोड शो कर सपा प्रत्याशी के लिए समर्थन मांगा। सहारनपुर में जहां पहली बार मेयर सीट के लिए वोट डाले जाएंगे वहीं प्रयागराज में अतीक की हत्या के बाद इस बार सपा और बीजेपी के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।
पहले चरण में इन जिलों में होगा मतदान
यूपी निकाय चुनाव के लिए पहले चरण में शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, जालौन, ललितपुर, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, उन्नाव हरदोई, लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, कुशीनगर, गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली, जौनपुर जिलों में वोट डाले जाएंगे।
2024 से पहले राजनीतिक दलों के लिए अहम चुनाव
देश के सबसे बड़े राज्य में होने वाले मतदान को लेकर राजनीतिक विश्लेषक भी तरह तरह के कयास लगा रहे हैं। इस बार बीजेपी के अलावा सभी पार्टियां सपा, बसपा, कांग्रेस, आरएलडी सभी मैदान में हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि निका चुनाव के नतीजे राजनीतिक दलों को 2024 के महत्वपूर्ण लोकसभा चुनाव से पहले मतदाताओं के मूड को भांपने में मदद करेंगे।
पिछली बार बीजेपी ने जीती थीं 14 सीटें
पिछले निकाय चुनावों में योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले वर्ष में, 16 नगर निगमों में से 14 पर जीत हासिल करके बीजेपी को मेयर के चुनावों में शानदार जीत दिलाई। बसपा ने दो सीटें मेरठ और अलीगढ़ जीतीं, जबकि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस अपना खाता नहीं खोल सकीं। समाजवादी पार्टी की सरकार को अपदस्थ करने वाली भाजपा ने भी सबसे अधिक नगरपालिकाएं जीतीं थीं।
दोनों चरणों में चार करोड़ से अधिक मतदाता करेंगे मतदान
हालांकि यूपी नगर निकाय चुनाव में 4,32,31,827 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। दोनों चरणों में 23,617 मतदान केंद्र और 14,684 पदों के लिए मतदान होगा। दो चरणों में होने वाले शहरी स्थानीय निकाय चुनाव 4 और 11 मई को होंगे। वोटों की गिनती 13 मई को होगी।
इस बार 17 नगर निगमों में होगा चुनाव
इस बार चुनाव 2017 की तुलना में बड़े पैमाने पर होंगे क्योंकि स्थानीय निकायों की संख्या में 107 की वृद्धि हुई है, जिसमें एक नगर निगम और एक नगर पालिका परिषद और 105 नई नगर पंचायतें शामिल हैं। शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में 17 नगर निगमों, 199 नगरपालिकाओं और 544 नगर पंचायतों के लिए चुनाव होंगे। यही नहीं, मतदाताओं की संख्या में भी 2017 की तुलना में 96.33 लाख की वृद्धि हुई है। कुल पदों की संख्या में भी 2,024 की वृद्धि हुई है।












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