UP News: अलीगढ़ से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी का खुलासा, ISIS के निशाने पर थे हिंदूवादी नेता
Aligarh News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पकड़े गए आतंकियों के निशाने पर यूपी में हिन्दूवादी नेता भी थे। एटीएस की पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है। हिन्दूवादी नेताओं के पर आने से अब आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।

सूत्रों की माने तो आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकियों ने यति नरसिंहानंद को मारने के लिए रेकी भी की थी। आतंकियों के ओर से किए गए इस खुलासे के बाद एटीएस की टीम चौकन्नी हो गई। यति नरसिंहानंद गाजियाबाद के डासना स्थित शिव शक्ति धाम मंदिर के महंत हैं।
दरअसल, आईएसआईएस के अलीगढ़ मॉड्यूल पर अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए उत्तर प्रदेश एंटी टेरर स्क्वाड (यूपी एटीएस) ने शनिवार को चार और चरमपंथियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए उग्रवादी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व छात्र थे। गिरफ्तार आतंकियों रकीब, नावेद, नुमान और नाजिम नोमान ने दो साल पहले एएमयू से ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी की थी।
यूपी एटीएस ने शुक्रवार देर रात एक आतंकी को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया, जबकि तीन को शनिवार को संभल जिले से पकड़ा गया। इससे पहले 4 नवंबर को, टीएएस ने तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से दो माज़ बिन तारिक और वाजुद्दीन को अलीगढ़ से जबकि अब्दुल्ला अर्सलान को छत्तीसगढ़ से पकड़ा गया था।
पूछताछ के दौरान इन तीनों ने आईएसआईएस के अलीगढ़ मॉड्यूल से जुड़े और लोगों के बारे में जानकारी दी है। यूपी के विशेष महानिदेशक (एसडीजी), कानून एवं व्यवस्था, प्रशांत कुमार ने बताया कि एएमयू में पढ़ाई के दौरान ये चारों आईएसआईएस हैंडलर्स के संपर्क में आए थे और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आतंकवादी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सक्रिय थे और अधिक लोगों को आईएसआईएस में जोड़ रहे थे।
उन्होंने कहा कि इन आतंकवादियों को उनके संपर्क में आने वाले युवाओं को शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण भी दिया जाता था। प्रशांत कुमार ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादी पहले स्टूडेंट ऑफ एएमयू (एसएएमयू) संगठन से जुड़े थे और इसे देश विरोधी गतिविधियों को चलाने के लिए ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।












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