UP Politics: 'समरसता अभियान' के जरिए 2024 में पश्चिम की 27 लोकसभा सीटों को साधेगी RLD
Rashtriya Lok Dal: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आरएलडी ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर अपना जनाधार वापस पाने की कोशिश की थी। विधानसभा चुनाव के साथ ही निकाय चुनाव और पिछले दो लोकसभा चुनावों में रालोद का प्रदर्शन निराशाजनक ही रहा है। इसलिए 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में अच्छे परिणाम हासिल करने के लिए पार्टी ने अलग रणनीति बनाई है।
जुलाई में शुरू होगा समरसता अभियान का दूसरा चरण
समाजवादी पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को टक्कर देने के लिए तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय लोकदल ने जुलाई में समरसता अभियान (सामाजिक सद्भाव अभियान) का दूसरा चरण शुरू करने का फैसला किया है जिसमें वेस्ट यूपी में लोकसभा की 27 सीटों को कवर किया जाएगा।

रालोद प्रमुख जयंत चौधरी द्वारा संचालित अभियान मुख्य रूप से उन जिलों के गांवों पर केंद्रित है जो 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा से प्रभावित थे। इसकी पुष्टि करते हुए, रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने बताया कि,
इस अभियान का विचार पश्चिम यूपी में सभी लोकसभा सीटों के कम से कम 500 गांवों तक पहुंचना है। हम अभियान की प्रतिक्रिया का आकलन करेंगे और उसके अनुसार भविष्य की रणनीति तय करेंगे।
आरएलडी को पुनर्जीवित करने का प्रयास
आरएलडी 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में हारने के बाद खुद को पुनर्जीवित करने के प्रयास में जुटी हुई है। रालोद के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी खुद को पुनर्जीवित करने और प्रासंगिक बने रहने के लिए अपने 'जनाधार' (चुनावी आधार) को बढ़ाने की सख्त कोशिश कर रही है।
मुस्लिम वोट बैंक साधने की कवायद
सूत्रों ने कहा कि आरएलडी ने जाटों और गुर्जरों के अपने मूल वोट बैंक को मुस्लिम वोट बैंक के साथ जोड़ने के प्रयास में जुटी हुई है। ऐसा माना जाता है कि मुस्लिम समुदाय पारंपरिक रूप से समाजवादी पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दिखाता रहा है।
सपा पर पूर्ण निर्भरता खत्म करने का प्रयास
रालोद नेता ने बताया कि यह अभियान मुस्लिमों तक पहुंचने का प्रयास है। इसका उद्देश्य सपा पर "अपनी पूर्ण निर्भरता को कम करना" भी है। जहां रालोद नेता सपा के साथ अपने मजबूत गठबंधन के बारे में जोर दे रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि तैयारी ऐसाी होनी चाहिए कि अगले लोकसभा चुनावों में सीट बंटवारे की बात आने पर पार्टी अपनी बात मजबूती से रख सके।
2022 में 20 से अधिक सीटों पर लड़ा चुनाव
विशेषज्ञ बताते हैं कि रालोद 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद से समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में रहते हुए यूपी में अपने प्रदर्शन में सुधार कर रही है, जब उसने 20 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा था।












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