यूपी के गन्ना बेल्ट में भाजपा को लगा तगड़ा झटका, सपा को कितना फायदा मिला ? जानिए
मेरठ, 10 मार्च: उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से 56 जिलों में आधी से ज्यादा आबादी खेती या उससे जुड़े कार्यों से जुड़ी हुई है। यूपी चुनाव में विपक्ष और बीजेपी दोनों की ही ओर से कृषि और किसानी को मुद्दा बनाने की कोशिश की गई थी। विपक्ष तीनों कृषि कानूनों का रोना रोता रहा और बीजेपी ने अपनी सरकार की ओर से खेती और किसानों के लिए किए गए कामों के बड़े-बड़े दावे किए। ऐसे में यह देखना लाजिमी हो जाता है कि जिसे कृषि की प्रधानता के चलते कभी यूपी का हरित प्रदेश कहते हैं, कोई गन्ना बेल्ट कहता है, किसी को आलू बेल्ट कहा जाता है, वहां इस चुनाव में किस तरह से वोटिंग हुई है। भाजपा को यहां जितना नुकसान की आशंका थी, वह वोट के जरिए किस तरह से सामने आया है।

कृषि प्रधान जिलों में भाजपा को कितना नुकसान ?
यूपी के जिन जिलों में 75% से ज्यादा लोग किसी ना किसी रूप में खेती के भरोसे हैं, वहां पर बीजेपी और उसके सहयोगियों को 46% से ज्यादा वोट मिले हैं। जबकि, ऐसे जिलों में सपा और उसके सहयोगियों ने करीब 36% वोट हासिल किए हैं। अगर 2017 के चुनाव से तुलना करें तो ऐसे जिलों में सपा को 11% से ज्यादा वोटों का फायदा हुआ है और उसे इस बार यहां 16 सीटें मिल रही हैं, जो कि पिछली बार से 8 ज्यादा है। बीजेपी को भी ऐसी सीटों पर करीब 6% वोट बढ़े हैं, लेकिन उसकी सीटें सिर्फ 55 रहने की संभावना लग रही है। यानि उसे यहां 8 सीटों का नुकसान हो रहा है। बता दें कि यह आकलन जब यूपी में वोटों की गिनती पूरी नहीं हुई थी, तभी के आंकड़ों के आधार पर किया गया है। इन क्षेत्रों में बसपा के वोट 13% से ज्यादा कम हुए हैं और कांग्रेस को करीब 3% का घाटा हुआ है।

गन्ना बेल्ट ने दिया बीजेपी को बड़ा झटका
अब हम बात पश्चिमी यूपी के उन 10 जिलों की कर रहे हैं, जो प्रदेश में गन्ना के पैदावार के लिए जाने जाते हैं। यहां बीजेपी के वोट शेयर 2017 के मुकाबले बढ़े हैं और उसे 1.6% का फायदा मिला है। इस तरह से उसे गन्ना बेल्ट में 42.3% वोट मिले हैं। लेकिन, सिर्फ 39 सीटें ही मिल पा रही हैं, जिससे उसे 14 सीटों का नुकसान होता नजर आ रहा है। इसके ठीक उलट सपा के वोट शेयर में 16% से अधिक की बढ़ोतरी हो गई है और वह करीब 42% वोट ला रही है। इस तरह से उसकी सीटों की संख्या 17 बढ़ रही है और वह इस इलाके में 25 सीटों तक पहुंच रही है। एक बार फिर से यहां बसपा को 9% से ज्यादा और कांग्रेस को 7% से ज्यादा वोट का नुकसान हुआ है। कांग्रेस यहां की अपनी दोनों सीटें गंवा रही है। मतलब, लगता है कि मायावती का वोट अखिलेश यादव के लिए डाला गया है।

आलू बेल्ट में भी भाजपा को नुकसान
इसी तरह आलू के पैदावार के लिए पहचाने जाने वाले यूपी के 10 प्रमुख जिलों के वोटरों ने भी भाजपा को पिछली बार के मुकाबले थोड़ा मायूस किया है। मसलन, यहां बीजेपी के वोट शेयर करीब 1.6% बढ़कर 46% से ज्यादा तो हुए हैं, लेकिन उसे इनकी 42 सीटें ही मिली हैं और 5 सीटों का नुकसान होता नजर आ रहा है। जबकि, ये पांच सीटें सपा के खाते में चली गई हैं और वह यहां की 12 सीटें जीतती नजर आ रही है। उसका वोट शेयर यहां 9% से ज्यादा बढ़ा है और उसे कुल 35.5% वोट मिलते दिख रहे हैं। यहां भी बसपा को 7.5% और कांग्रेस को करीब 2% वोट कम हुए हैं। लेकिन, हम फिर से बता दें कि यह वोट शेयर और सीटें अंतिम नहीं हैं और खबर लिख जाने तक मतगणना की प्रक्रिया जारी है।












Click it and Unblock the Notifications