UP election 2022: क्या 37 साल बाद योगी आदित्यनाथ बदल पाएंगे ये कड़वी सच्चाई ?

लखनऊ, 9 जनवरी: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच वर्षों में ऐसे कई मिथकों को तोड़ा है, जिसे पहले के सीएम 'मनहूस' समझते रहे हैं। अब जब प्रदेश में चुनाव का ऐलान हो चुका है, इसपर सभी की नजर लगी हुई है कि जिस तरह से राज्य में भगवा विचारधारा के सियासी प्रतीक बन चुके सीएम योगी ने उन कथित 'अशुभ' माने जाने वाली बातों को नजरअंदाज किया है, क्या उसपर अपने स्टैंड को सच कर दिखाने में सफल हो पाएंगे। भारतीय जनता पार्टी के अलावा कई चुनाव पूर्व सर्वे भी यही कह रहे हैं कि योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में बीजेपी प्रदेश की सत्ता में वापसी कर रही है। लेकिन, सीएम योगी और उनकी पार्टी के सामने यह कड़वी सच्चाई भी है कि पिछले 37 वर्षों के इतिहास में यूपी में यह नहीं हो पाया है।

नोएडा आने से 'परहेज' नहीं किया

नोएडा आने से 'परहेज' नहीं किया

यूपी में नोएडा को लेकर एक ऐसा ही 'अशुभ' प्रशासनिक महकमों में चर्चित रहा है। वह यह है कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा जाता है, वह दोबारा लखनऊ की सत्ता पर वापस नहीं लौट पाता। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसी वजह से अपने कार्यकाल में नोएडा से दूरी बनाकर रखी थी। जबकि, दिल्ली-एनसीआर का हिस्सा होने की वजह से यह शहर अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर उभर चुका है। लेकिन, गोरखपुर मठ का प्रमुख होने के बावजदू योगी आदित्यनाथ ने इन कही-सुनी बातों पर कभी गौर नहीं किया। बल्कि,एक बार तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसके लिए उनकी सराहना कर चुके हैं।

क्या नेताओं का यह 'डर' खत्म कर पाएंगे योगी?

क्या नेताओं का यह 'डर' खत्म कर पाएंगे योगी?

पिछले पांच वर्षों में योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री के तौर पर कई बार नोएडा का दौरा किया है। चाहे मेट्रो लाइन की शुरुआत का कार्यक्रम हो या फिर जेवर में नए अंतरराष्ट्रीय एयर पोर्ट का शिलान्यास या फिर कोरोना से जुड़े निगरानी का सवाल हो, उन्होंने बेहिचक इस एनसीआर टाउन का दौरान किया है। इस चुनाव को जिसे भारतीय जनता पार्टी उनके पक्ष में जनमत संग्रह की तरह देख रही है, योगी आदित्यनाथ का पिछले पांच वर्षों में नोएडा दौरा भी एक सवाल बना हुआ है कि वह किस तरह से इस मिथक को तोड़ पाने में सफल होते हैं, या फिर इस शहर से जुड़ा यह विचार राजनेताओं के 'डर' को और भी 'पुख्ता' करने की वजह बन जाता है।

1985 के चुनाव के बाद कोई भी पार्टी दोबारा सत्ता में नहीं लौटी

1985 के चुनाव के बाद कोई भी पार्टी दोबारा सत्ता में नहीं लौटी

इसी तरह से 37 साल से उत्तर प्रदेश चुनाव में एक और कड़वी सच्चाई जुड़ी हुई है। 1985 के बाद से यहां कोई भी मुख्यमंत्री दोबारा चुनाव जीतकर लखनऊ में अपनी सरकार नहीं बना पाया है। पिछली बार करीब चार दशक पहले यह सौभाग्य कभी कांग्रेस के दिग्गज रहे और यूपी और उत्तराखंड दोनों का मुख्यमंत्री पद संभाल चुके नारायण दत्त तिवारी को मिला था। कांग्रेस तो उस चुनाव के बाद से प्रदेश में ऐसे खत्म हुई कि अभी तक नहीं खड़ी हो पायी है। वैसे चुनावों से पहले हुए ज्यादातर ओपिनियन पोल में सीएम योगी की वापसी के संकेत जरूर दिखाए गए हैं, लेकिन असल हकीकत का पता तो 10 मार्च को ही लग पाएगा, जब उत्तर प्रदेश में मतगणना होगी।

2024 के लिए भी महत्वपूर्ण है यह चुनाव

2024 के लिए भी महत्वपूर्ण है यह चुनाव

2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यूपी में किसी को मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं बनाया था। तब उसे 403 सीटों वाली विधानसभा में अपना दल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ गठबंधन में 325 सीटें मिली थीं। लेकिन, इस बार योगी आदित्यनाथ पार्टी की ओर से सीएम का चेहरा हैं तो ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा बीजेपी की मुख्य प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी के साथ सट चुकी है। यह चुनाव भाजपा के लिए सिर्फ योगी की वापसी के लिए अहम नहीं है, बल्कि 2024 में लगातार लखनऊ के रास्ते दिल्ली पहुंचने के लिए भी राजनीतिक तौर पर जीने-मरने की तरह है।

यूपी के करीब 15 करोड़ वोटर तय करेंगे योगी का सियासी 'भाग्य'

यूपी के करीब 15 करोड़ वोटर तय करेंगे योगी का सियासी 'भाग्य'

खुद प्रधानमंत्री मोदी सीएम योगी के पांच साल के कार्यकाल को यूपी+योगी, 'उपयोगी' बता चुके हैं तो पूरी पार्टी ही उनकी सरकार के 'अच्छे कार्यों' का प्रचार-प्रसार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। कुल मिलाकर प्रदेश में भाजपा अपनी सरकार के पांच साल के काम, सोशल इंजीनियरिंग और हिंदुत्व के एजेंडे पर बीते 37 वर्षों के इतिहास को पलटने की उम्मीद लगाए बैठी है तो उसके विरोधी इसी के विरोध में पूरा चुनावी चक्रव्यूह रच चुके हैं। अंतिम परिणाम उत्तर प्रदेश के करीब 15 करोड़ वोटरों की इच्छा पर ही निर्भर है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+