UP Politics: "मेरा संविधान,मेरा स्वाभिमान" कार्यक्रम के ज़रिए 5 लाख अल्पसंख्यकों को जोड़ेगी यूपी कांग्रेस
यूपी में अब कांग्रेस ने अल्पसंख्कों के बीच अभियान चलाने का फैसला किया है। कोशिश है कि इसके तहत पांच लाख हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
Uttar Pradesh Congress: देश में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने अपने अभियान को तेज कर दिया हे। इसी क्रम में कांग्रेस ने यूपी में कद्दावर नेता अजय राय को प्रदेश की कमान सौंपी है। इस बड़े बदलाव के बाद अब संगठन भी सक्रिय होता नजर आ रहा है। यूपी कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग अब यूपी में "मेरा संविधान, मेरा स्वाभिमान" अभियान चलाकर मुस्लिमों एवं दलितों को जोड़ने की कवायद शुरू करेगा।

दलितों एवं मुस्लिमों के बीच चलेगा हस्ताक्षर अभियान
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कांग्रेस संविधान बदलने की कोशिशों के खिलाफ़ दलित और मुस्लिम समुदाय के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाएगा जिससे पांच लाख लोगों को जोड़ने की कवायद की जाएगी। इसके लिए 1 सितंबर से 6 सितंबर तक 'मेरा संविधान - मेरा स्वाभिमान' अभियान चलेगा।
अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम कहते हैं कि,
21 अगस्त को प्रदेश भर से पीएम के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय द्वारा संविधान बदलने की मांग के साथ लिखे गए लेख पर स्वतः संज्ञान लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजा गया था। अब 1 से 6 सितंबर तक भाजपा सरकार द्वारा संविधान बदलने की साजिशों की खिलाफ़ लोगों का हस्ताक्षर लिया जाएगा। पूरे प्रदेश से 5 लाख हस्ताक्षर का टार्गेट है जिसे संविधान के संरक्षक सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजा जायेगा।
हस्ताक्षर अभियान में पर्चा बांटेगी कांग्रेस
शाहनवाज़ आलम ने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के साथ ही पर्चा भी बांटा जाएगा। इसमें बताया गया है कि संविधान लागू होने के 4 दिन बाद ही 30 नवम्बर 1949 को आरएसएस ने अपने मुखपत्र ऑर्गनाइज़र में सबको बराबरी का दर्जा देने वाले संविधान की जगह मनुस्मृति लागू करने की मांग की थी।
बीजेपी की मंशा को एक्सपोज करने का दावा
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी बाजपेयी सरकार ने भी संविधान बदलने की कोशिश के तहत संविधान समीक्षा आयोग बनाया था लेकिन पूर्ण बहुमत न होने के कारण पीछे हट गयी थी। पर्चे में दलितों की ज़मीन गैर दलितों द्वारा खरीदने पर लगी रोक को योगी सरकार द्वारा शहरी विकास के नाम पर खत्म कर देने की भी बात कही गयी है।
पहले भी बड़ा अभियान चला चुकी है कांग्रेस
शाहनवाज़ आलम ने बताया कि इससे पहले अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा दलित आबादी में स्थित 3 हज़ार चाय की दुकानों पर संविधान चर्चा का कार्यक्रम किया गया था। वहीं 7 अगस्त से 13 अगस्त तक 'जय जवाहर - जय भीम' अभियान भी चला था। जिसमें 7 लाख से ज़्यादा दलित परिवारों तक अल्पसंख्यक कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंचे थे।
मस्जिदों के बाहर भी बांटे जाएंगे पर्चे
आलम ने बताया कि, मेरा संविधान मेरा स्वाभीमान अभियान के तहत भी मस्जिदों के बाहर पर्चा बांटने, कचहरियों में दलित वकीलों से सम्पर्क करने और कांशीराम आवास कालोनियों पर ज़्यादा फोकस रहेगा।












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