UP विधानसभा चुनाव; मुस्लिम आबादी को साधेगी BJP, 3 करोड़ अल्पसंख्यक परिवारों तक पहुंचेंगे 44 हजार दूत
लखनऊ, 19 अगस्त: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अब यूपी BJP का अल्पसंख्यक मोर्चा और उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग मिलकर मुस्लिम आबादी को साधने का प्रयास करेंगे। बीजेपी की प्लानिंग के अनुसार ये दोनों मोर्चा मिलकर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की बुकलेट लेकर तीन करोड़ अल्पसंख्यक परिवारों का दरवाजा खटखटाएंगे और सरकार की नीतियों के बारे में अवगत कराएंगे। बीजेपी के सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर इस कार्यक्रम को चलाया जा रहा है और ऐसा माना जा रहा है कि इससे यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम समुदाय के एक खास वर्ग में भी भाजपा अपनी पैठ बनाने में कामयाब होगी।

तीन करोड़ अल्पसंख्यक परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य
यूपी बीजेपी ईकाई के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने वन इंडिया डॉट काम को बताया कि मोर्चा ने यूपी के तीन करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। पूरे जिलों में मोर्चा की कार्यकारिणी और समितियां गठित होने के बाद लगभग 44 हजार कार्यकर्ता होंगे जो अल्पसंख्यक समुदायों के बीच जाकर केंद्र और योगी सरकार की योजनाओं के बारे में बतायाएंगे।
बासित अली ने बताया कि,
'' मोर्चा का लक्ष्य यूपी में तीन करोड़ अल्पसंख्यक परिवारों तक पहुंचना है। इसमें मुस्लिम, सिख और इसाई समुदाय से जुड़े समाज में जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें भी ज्यादा फोकस मलीन बस्तियों में रहने वाले मुस्लिम समाज पर किया जाएगा और उनको सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस दौरान पीएम उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और किसान सम्मान निधि के बारे में लोगों को जागरुक करेंगे।''
वहीं, उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन अशफाक सैफी ने वन इंडिया डॉट कॉम से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार के अच्छे कामों को जनता के बीच ले जाना हमारा काम है। केंद्र और राज्य की बहुत सी ऐसी योजनाएं हैं जिसका प्रचार मुस्लिम समुदाय में किया जाना जरूरी है। निश्चित तौर पर योजनाओं की जानकारी देने के लिए अल्पसंख्यक आयोग भी अपने स्तर से काम कर रहा है। जिला स्तर पर अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारी होते हैं जो योजनाओं को लेकर काम करते रहते हैं।
आयोग के चेयरमैन अशफाक ने कहा कि,
'' योजनाओं का प्रचार प्रसार तो बुकलेट के माध्यम से चलाया जा रहा है। बैठकों के माध्यम से इसको अमल में लाया जाता है। जो योजनाएं चलाई जा रही हैं उसमें गरीब नवाज, बेगम हजरतमहल के अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला योजना, बिजली से जुड़ी योजनाएं हैं जिनका प्रचार किया जा रहा है। जिला स्तर पर अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकें होती हैं और उसके अनुसार काम किया जाता है। इसमें कई सामाजिक संगठनों के लोग भी जुड़े होते हैं।''
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अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन ने कहा कि इन योजनाओं को खासकर हमारी कोशिश रहती है कि जरुरतमंद लोगों को इसका लाभ मिले। मुस्लिम समुदाय के घर 44 हजार दूतों को भेजने का कार्यक्रम संगठन का है। उसमें हमलोग सहयोग करते रहते हैं। इस योजनाओं को समन्वय बनाकर ही आगे बढाया जाता है। समाज में गरीब पिछड़े लोगों की मदद करने का काम करते हैं।
अध्यक्ष ने कहा, '' पीएम आवास योजना, उज्जवला योजना है। इसके अलावा तीन तलाक के बारे में मुस्लिम बहनों के बीच जागरुकता अभियान चलाया जाता है। मुस्लिम बहने तो योगी और मोदी के साथ खड़ी हैं। तीन तलाक कहकर मुस्लिम बहनों को घर बैठा दिया जाता था लेकिन अब इन मामलों में कमी आई है। अगर ऐसा कोई भी करेगा तो जो कानून बना है उसके अनुसार कार्रवाई होगी।''

बीजेपी को उम्मीद मुस्लिम महिलाओं का चुनाव में मिलेगा साथ
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए यूपी भाजपा का अल्पसंख्यक मोर्चा की तरफ से चलाया जा रहा है। भाजपा के एक पदाधिकारी ने इस कार्यक्रम के बारे में बताया, ''चालीस हजार कार्यकर्ताओं (दूत) को मुस्लिम परिवारों के बीच भेजा जाएगा। ये दूत मोदी सरकार और योगी सरकार के कामों के बारे में बताएंगे। पार्टी का ऐसा मानना है कि उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना और तीन तलाक जैसे कानून का लाभ मुस्लिम परिवारों को मिल रहा है। पार्टी यह मानकर चल रही है कि मुस्लिम परिवारों में औरतों के एक खास वर्ग का वोट मिल सकता है इसलिए वहां भी संभावनाएं तलाशने की जरुरत है। इसी लिहाज से यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है।''












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