UP News: Atiq Ahmed की मौत के बाद बेनामी सम्पत्तियों को कैसे ट्रेस करेगी ED?
उत्तर प्रदेश के माफिया डान अतीक की मौत के बाद अब प्रर्वतन निदेशालय की टेंशन इस बात को लेकर बढ़ गई है कि उसकी बेनामी सम्पत्तियां कहां कहां हैं और किसके किसके पास हैं।

Atiq Ahmed And ED: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार को माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अतीक की बेनामी सम्पत्तियां किसके पास हैं और किसके नाम से हैं इसकी जानकारी अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) कैसे जुटाएगा ये बड़ा सवाल है। माना जा रहा है कि अतीक और अशरफ की करोड़ों की बेनामी सम्पत्तियां अभी भी हैं लेकिन उनकी जानकारी जांच एजेंसियों के पास नहीं है। जांच एजेंसियों के पास सबसे बड़ी चुनौती है कि वह उन सम्पत्तियों तक कैसे पहुंचेगी।
अतीक के खिलाफ ED ने दर्ज किया था मनी लांड्रिंग का मामला
दरअसल ED ने 2021 में अतीक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था और हाल ही में उसके 10 सहयोगियों और संदिग्ध फाइनेंसरों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। अब जब गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और उनके भाई खालिद अज़ीम उर्फ अशरफ की मौत हो गई है, ऐसे में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लिए उनकी अज्ञात या 'बेनामी' संपत्ति का पता लगाना काफी मुश्किल हो जाएगा, जिसकी कीमत कई सौ करोड़ रुपये आंकी जा रही है। .
अतीक के सहयोगियों के ठिकानों पर ED ने मारा था छापा
प्रशासन ने पिछले तीन वर्षों में लगभग 417 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया, जबकि 752 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को या तो ध्वस्त कर दिया गया या माफिया से मुक्त कर दिया गया। माना जाता है कि प्रयागराज में निवेश के अलाव, अतीक ने अपने सफेदपोश सहयोगियों के माध्यम से राज्य और देश के अन्य शहरों में भी निवेश किया है। ईडी ने 2021 में अतीक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था और हाल ही में उसके 10 सहयोगियों और संदिग्ध फाइनेंसरों के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
चार दशकों में अतीक ने अर्जित की अकूत सम्पत्ति
बताया जा रहा है कि 1979 में अपराध की दुनिया में प्रवेश करने के बाद से पिछले चार दशकों में अतीक ने सैकड़ों करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति अर्जित की है। कुछ करीबियों ने ऐसा दावा किया था। प्रयागराज पुलिस और प्रशासन के रिकॉर्ड दिखाते हैं कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान अतीक और उसके गिरोह के सदस्यों पर भारी कार्रवाई के तहत, पुलिस और प्रशासन ने उसकी 1,169 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की पहचान की।
राजनेता-बिल्डर-ठेकेदार के प्रोजेक्ट में लगाता था पैसा
उनके करीबी लोगों का कहना है कि अतीक अपने सफेदपोश भागीदारों के माध्यम से अवैध रूप से अर्जित धन को अन्य व्यवसायों और परियोजनाओं में निवेश करता था। इन साझेदारों में कथित तौर पर राजनेता, बिल्डर, बड़े ठेकेदार, होटल मालिक, डॉक्टर, वकील आदि शामिल थे। वह उनकी प्रोजेक्ट में निवेश करता था और बदले में लाभ प्राप्त करता था। इस बीच, ईडी के अधिकारियों ने सोमवार को बिल्डर संजीव अग्रवाल को बयान दर्ज कराने के लिए समन भेजा। 11 अप्रैल को ईडी ने संजीव अग्रवाल सहित अतीक के कथित 10 फाइनेंसरों और बिल्डरों के घरों पर छापा मारा था।
20 जिलों के अलावा कई राज्यों में हैं अतीक की बेनामी सम्पत्तियां
बताया जा रहा है कि अतीक आमतौर पर अपने परिवार के सदस्यों के बजाय दूसरों के नाम पर संपत्तियां खरीदता था। अतीक की कई करोड़ रुपये की संपत्ति उसके सहयोगियों के नाम पर थी, जिनमें से कई सफेदपोश लोग थे। इससे पहले प्रयागराज, कौशांबी, लखनऊ और करीब 20 अन्य जिलों में उनकी संपत्तियों की पहचान की गई थी। इसके अलावा अतीक की 'बेनामी' संपत्तियां और निवेश कई अन्य राज्यों में भी बताई जा रही हैं।












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